रीतू तावड़े ने 2012 में कांग्रेस का दाम छोड़कर बीजेपी का हाथ थामा था। इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। गुजराती बहुल वार्ड में उन्होंने मजबूत पकड़ बनाई है।
महाराष्ट्र के कल्याण डोंबिवली नगरपालिका चुनाव में मिली जीत के बाद उद्धव ठाकरे गुट के चार नगरसेवकों का फोन नंबर नॉट रिचेबल आ रहा है। इसके बाद खलबली मच गई है और आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
UBT नेता भास्कर जाधव ने उद्धव ठाकरे का समर्थन करने की मांग एकनाथ शिंदे से की है, लेकिन उनके जवाब से पहले ही संजय राउत ने इसे नकार दिया है। जानें BMC चुनाव में हार के बाद उद्धव सेना समर्थन के मुद्दे पर एकमत क्यों नहीं है।
मैं 'नालायक' के रूप में इस पीढ़ी में या इस परिवार में जन्मा हूं, यह कलंक मैं अपने माथे पर कभी नहीं लगने दूंगा। उद्धव ठाकरे ने बड़ा बयान दिया है, जानें उन्होंने किस पर तंज कसा और क्या क्या कहा?
बीएमसी का मेयर कौन होगा, इसे लेकर अबतक कुछ भी स्पष्ट नहीं है। हां लॉटरी सिस्टम से ये पता चला है कि मेयर कोई महिला ही होगी। इधर उद्धव के सांसद ने एकनाथ शिंदे से अपील की है, जानें क्या कहा है?
बृहन्मुंबई नगर निगम यानी BMC के चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन की जीत हुई है। अब सभी की निगाहें BMC के मेयर के चुनाव पर टिकी हुई हैं। आइए जानते हैं कि इस रेस में कौन से नाम आगे चल रहे हैं।
मेयर पद के लिए आरक्षण तय करने के लिए लॉटरी प्रक्रिया शुरू की गई है। लॉटरी के जरिए यह तय किया जाएगा कि मेयर का पद किन श्रेणियों के लिए आरक्षित होगा।
वारिस पठान ने कहा है कि मालेगांव में उनकी पार्टी किसको समर्थन देगी यह लोकल लीडरशिप तय करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बीएससी में मेयर चुनाव में उनकी पार्टी किसका समर्थन करेगी। यह अभी तय नहीं है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव की तारीख सामने आ गई है। इस बार बीजेपी का ही बीएमसी में नया मेयर होगा। शिंदे की पार्टी को मेयर का पद नहीं दिया जाएगा।
BMC चुनाव भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के गठबंधन की जीत हुई है। हालांकि, एक समीकरण ऐसा भी है जिसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी का मेयर भी बन सकता है। शायद इसी कारण उद्धव की पार्टी ने 'भगवान की मर्जी' वाला बयान दिया है।
एकनाथ शिंदे ने तमात अटकलों को विराम देते हुए मुंबई मेयर पद को लेकर सस्पेंस पर से पर्दा उठा दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मुंबई महानगरपालिका में महायुति का ही मेयर बनेगा। जनादेश के साथ विश्वासघात नहीं।
महाराष्ट्र नगर निगम और BMC चुनावों में मिली शानदार जीत के बाद महायुति का कॉन्फीडेंस हाई है लेकिन अब मुंबई का मेयर कौन बनेगा, इसे लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच मामला फंस गया है।
BMC में मेयर के पद को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच खींचतान लगातार जारी है। इस बीच शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने भी मेयर पद को लेकर कई बड़े दावे कर दिए हैं।
बृहन्मुंबई नगर निगम यानी BMC के मेयर पद को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच टकराव की खबर है।सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि शिवसेना ने 1 साल के लिए मेयर के पद की मांग रख दी है।
मुंबई बीएमसी में महायुति के मिली महाविजय के बाद बीजेपी का मेयर बनना तय है। हालांकि, इसे लेकर मुंबई में सस्पेंस लगातार बरकरार है। अब राज्य के डिप्टी सीएम और शिवसेना पार्टी के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने मेयर पद को लेकर बड़ा बयान दिया है।
मुंबई में मेयर पद को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है। जहां एक ओर शिंदे की शिवेसना के पार्षदों को एक होटल में रखा गया है वहीं अब कांग्रेस भी इस रेस में कूद पड़ी है। वह भी बीजेपी को रोकने के लिए प्लान बना रही है।
संजय राउत ने कहा कि शिंदे गुट ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के ताज होटल में बंधक बनाकर रखा है। साथ ही कहा कि कई शिंदे गुट के कई पार्षद हमारे संपर्क में हैं।
महाराष्ट्र में सभी 29 महानगरपालिका के चुनाव संपन्न हो गए हैं। हालांकि सभी की निगाहें देश की सबसे अमीर नगर पालिका बीएमसी पर टिकी हुई है। बीएमसी में अभी भी मेयर नहीं चुना जा सका है। ऐसे में अब मेयर का चुनाव होने से पहले ही मुंबई में होटल पॉलिटिक्स शुरू हो गई है।
BMC चुनाव में हार के बाद भी संजय राउत का अंदाज नहीं बदला है। उनका विरोधियों पर तीखा हमला करना जारी है। जानें BMC सहित महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में UBT की हार पर उन्होंने क्या कहा?
बीएमसी चुनावों में हार के बाद शिवसेना यूबीटी की तरफ से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। शिवसेना यूबीटी ने साफ कहा है कि मराठी समुदाय को जब तक उसका वह सम्मान वापस नहीं मिल जाता, जिसका वो हकदार है, तब तक ये लड़ाई जारी रहेगी।
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