मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में चल रही खीचतान और मेयर पद को लेकर जारी सस्पेंस के बीच उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक बार फिर साथ दिखे। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी के मौके पर एक साथ नजर आए। इस दौरान राज ठाकरे ने बड़ा बयान दिया। राज ठाकरे ने कहा कि राजनीति में कभी-कभी लचीला होना पड़ता है। दरअसल, कल्याण डोंबिवली में राज ठाकरे की पार्टी ने शिंदे सेना को समर्थन दे दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अब महाराष्ट्र के सियासी समीकरण फिर बदल सकते हैं। क्या दूसरी जगहों पर भी राज ठाकरे शिंदे शिवसेना के गठबंधन का नया पैटर्न दिखेगा।
मेयर बनने के मुद्दे पर ठाकरे सेना में दो फाड़?
ठाकरे सेना का एक धड़ा हर हाल में मुंबई में मेयर बनाने के पक्ष में है। ठाकरे सेना के वरिष्ठ नेता और 6 बार के विधायक भास्कर जाधव ने यहां तक कह दिया कि एकनाथ शिंदे, उद्धव ठाकरे का समर्थन करें ताकि मुंबई में शिवसैनिक मेयर बन जाए। वहीं, संजय राउत का गुट इसके खिलाफ है। राउत गुट का मानना है कि किसी भी हाल में शिंदे का साथ नहीं लेना चाहिए। इस पूरे विवाद पर उद्धव ठाकरे चुप्पी साधे हुए हैं। मेयर चुनाव में शिंदे को सत्ता से दूर रखने के लिए ठाकरे प्लान-बी की संभावनाओं को तलाश रहे हैं।
बालासाहेब ने हिंदुओं को जागरूक किया- राज ठाकरे
राज ठाकरे ने कहा, 'जब कोई व्यक्ति किसी चीज का निर्माण करता है, तो उसके बाद बाकी लोग उसका क्या करते हैं। यह देश उसका एक उदाहरण है, लेकिन मुझे लगता है कि बालासाहेब ने जिस निष्ठा और संकल्प के साथ अपने विचार रखे, विशेष रूप से महाराष्ट्र में मराठी मानुष के बारे में, उन्होंने हिंदुओं को ‘हिंदू’ के रूप में जागरूक किया। लेकिन दूसरों की बुराई करने के लिए नहीं, बल्कि अपने स्वाभिमान के लिए उन्हें खड़ा किया। मुझे लगता है कि वह स्वाभिमान और प्रेम हम सभी को सदैव जागरूक रखना चाहिए यही मेरी अपेक्षा है।'
'जय महाराष्ट्र' बोलें मराठी मानुष- उद्धव
वहीं, उद्धव ठाकरे बोले, 'जो कुछ भी होना है, वह तुरंत उसी जगह पर होना चाहिए। जय महाराष्ट्र कहना आज से जोर-शोर से शुरू करें एक-दूसरे से मिलने के बाद। जय जय रघुवीर समर्थ बोलने वाले समर्थ रामदास भी तो हमारे ही थे न? मनाचे श्लोक मन के श्लोक उन्होंने ही हमें सिखाए। महाराष्ट्र में जितने हिंदुत्व को मानने वाले साधु-संत हुए हैं, उतने शायद ही किसी अन्य प्रांत में हुए होंगे। अगर हुए भी हैं, तो यह खुशी की बात है।'
हमें हिंदुत्व सीखने की जरूरत नहीं- उद्धव
उन्होंने आगे कहा कि लेकिन हमें जितनी संस्कृति, एक सांस्कृतिक इतिहास और संस्कार मिले हैं, उनके कारण हमें किसी से संस्कार सीखने की कोई जरूरत नहीं है, खासकर हिंदुत्व सीखने की तो बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। हमें यह मत सिखाइए कि कैसे लड़ना है क्योंकि हमारे खून में ही लड़ना है, और हम हमेशा से लड़ते ही आए हैं।'
उधर मुंबई के मेयर को लेकर उद्धव ठाकरे की पार्टी में दो फाड़ नजर आ रहे हैं। उद्धव सेना के विधायक भास्कर जाधव मांग कर रहे हैं कि शिवसैनिक को मेयर बनाने के लिए एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे का समर्थन करें। लेकिन संजय राउत, भास्कर जाधव की इस मांग के खिलाफ हैं। कह रहे हैं कि अभी पार्टी के इतने भी बुरे दिन नहीं आए कि वो शिंदे के साथ जाएं।