तेहरानः अमेरिका से चल रहे भारी तनाव के बीच ईरान पर अगले कुछ घंटों में बड़े हमले की आशंका बढ़ गई है। इसके चलते कई देशों की सैकड़ों फ्लाइटें रद्द कर दी गई हैं। इस तरह की हलचलें बढ़ने से मध्य पूर्व में तनाव चरम स्तर पर पहुंच गया है। कथित तौर पर अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य हमले की आशंका बढ़ गई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि अगले कुछ घंटों या 24-48 घंटों में ईरान पर हमला किया जा सकता है।
मध्य-पूर्व में अमेरिका ने की भारी सेना की तैनाती
अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में भारी सैन्य तैनाती की है। USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है, जबकि अतिरिक्त टैंकर विमान (KC-135 और KC-46) और अन्य युद्धपोतों की मौजूदगी बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यूएस साउदर्न कमांड और CENTCOM ने उच्च सतर्कता बरती है। ट्रंप प्रशासन ईरान के आंतरिक विरोध प्रदर्शनों पर क्रूर दमन और मिसाइल क्षमता के पुनर्निर्माण को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। वहीं इस पर ईरान की ओर से कड़ी चेतावनी जारी की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी भी हमले को “पूरी तरह से युद्ध” माना जाएगा और “अधिकतम बल” से जवाब दिया जाएगा।
ईरान ने कहा-ट्रिगर पर है सेना की उंगली...देंगे कड़ा जवाब
इस हमले की आशंका के बीच ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने भी “ट्रिगर पर उंगली” रखने का दावा किया है। तेहरान ने अमेरिकी हमले को “सभी-आउट वॉर” घोषित करने की बात कही है। इज़रायल भी उच्च अलर्ट पर है। तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा कि इज़रायल ईरान पर हमले का “अवसर तलाश” रहा है और उन्होंने तेहरान को चिंता जताई।
ईरान और इजरायल के आसपास से गुजरने वाली विभिन्न देशों की उड़ानें रद्द
इज़रायल और ईरान के ऊपर से गुजरने वाली विभिन्न देशों की वाणिज्यिक उड़ानें रद्द हो गई हैं। KLM, एयर फ्रांस, ब्रिटिश एयरवेज, लुफ्थांसा आदि ने तेल अवीव, दुबई, सऊदी अरब और UAE के लिए उड़ानें निलंबित कर दी हैं। वहीं अमेरिका ने भी खराब मौसम का हवाला देकर 8400 उड़ानों को 2 दिनों के लिए रद्द कर दिया है। ईरान ने भी अपनी कई उड़ानों को रद्द किया है। सोशल मीडिया और OSINT रिपोर्ट्स में “जीरो ऑवर” की चर्चा है, जहां जेरेड कुश्नर की इज़रायल यात्रा हमले को टाल रही है, लेकिन उनकी वापसी के बाद हमला संभव माना जा रहा है।
पोलिमार्केट पर भी “मिसाइल लॉन्च” पर बड़े दांव लगे हैं, जो इनसाइडर जानकारी का संकेत दे रहे हैं। अभी तक कोई हमला नहीं हुआ है, लेकिन स्थिति बेहद नाजुक है। एक छोटी गलती भी पूर्ण युद्ध में बदल सकती है। ईरान के आंतरिक संकट (प्रदर्शन, इंटरनेट ब्लैकआउट) और अमेरिकी दबाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। दुनिया सांस थामे इंतजार कर रही है।
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