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पुणे पोर्शे कार हादसा: आरोपी के ड्राइवर ने कहा, 'हादसे के वक्त मैं चला रहा था गाड़ी', जांच में जुटी पुलिस

 Reported By: Saket Rai Edited By: Avinash Rai
 Published : May 24, 2024 12:28 pm IST,  Updated : May 24, 2024 01:04 pm IST

पुणे कार हादसा मामले में नया मोड आ गया है। दरअसल नाबालिग आरोपी के पिता विशाल ने दावा किया कि हादसे के वक्त उनका ड्राइवर पोर्शे गाड़ी चला रहा था। पुलिस की पूछताछ में ड्राइवर ने भी इस बात को स्वीकारा है कि हादसे के वक्त वही गाड़ी चला रहा था।

Pune Porsche car accident Family driver said I was driving the car at the time of the accident- India TV Hindi
पुणे पोर्शे कार हादसा Image Source : FILE PHOTO

पुणे में हुआ पोर्शे कार हादसा खूब सुर्खियां बटोर रहा है। दरअसल पुणे में मशहूर बिल्डर के बेटे ने अपनी कार से दो इंजीनियरों को टक्कर मार दी। नशे धुत होने और ओवरस्पीड होने के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें दो लोगों की जान चली गई। हालांकि इसके कुछ ही घंटे बाद आरोपी लड़के को पुणे कोर्ट की तरफ से जमानत भी दे दी गई। कोर्ट ने आरोपी को जमानत दी और कहा कि वह सड़क हादसे पर निबंध लिखेगा। इस मामले के सामने आने के बाद देशभर में लोगों ने कोर्ट के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ना शुरू किया। 

नाबालिग आरोपी के पिता का बड़ा दावा

आनन-फानन में कार्रवाई शुरू की गई और आरोपी नाबालिग लड़को को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बता दें कि आरोपी नाबालिग ही पोर्शे कार में सवार था। ये साबित करने के लिए पुलिस की टीम ने घटनास्थलों के आसपास की सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारियां इकट्ठा की। हालांकि अब आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस के सामने यह दावा किया है कि कार उनका बेटा नहीं बल्कि फैमिली ड्राइवर चला रहा था। इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर से पूछताछ की। पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय वह खुद ड्राइविंग सीट पर था।

दावों की सच्चाई जानने में जुटी पुलिस

हालांकि पुलिस मामले की जांच में अब भी जुटी हुई है। पुलिस आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल के दावों की सच्चाई को जानने में जुटी हुई है। बता दें कि नाबालिग आरोपी की जमानत फिलहाल रद्द कर दी गई है और उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बाल सुधार गृह भेज दिया है। 5 जून तक आरोपी को ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। आरोपी को बालिग की तरह की ट्रीट किया जाए या नहीं इसपर अभी तक कोर्ट की तरफ से कोई फैसला नहीं हो पाया है। लेकिन माना जा रहा है कि 5 जून तक इस मामले पर फैसला हो सकता है। बता दें कि नाबालिग आरोपी को बालिग मानकर केस चलाने की मांग की गई थी। 

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