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FY2024-25 में पैसेंजर व्हीकल सेक्शन इस गति से बढ़ेगा आगे, SUV सेगमेंट का दबदबा कायम

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman Published : Feb 26, 2024 05:48 pm IST, Updated : Feb 26, 2024 05:48 pm IST

पिछले तीन-चार साल में गाड़ियों की लागत में बढ़ोतरी हुई है क्योंकि विनिर्माता प्रीमियम वाहनों की कीमतें बढ़ा रहे हैं और उन्हें सुरक्षा और उत्सर्जन पर ज्यादा कड़े नियमों का पालन करना पड़ रहा है।

तीसरी बार पैसेंजर व्हीकल सेक्टर नई ऊंचाई को छुएगा। - India TV Paisa
Photo:FILE तीसरी बार पैसेंजर व्हीकल सेक्टर नई ऊंचाई को छुएगा।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने सोमवार को कहा कि स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) सेगमेंट की लीडरशिप में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पैसेंजर व्हीकल्स सेक्टर पांच से सात प्रतिशत की वृद्धि दर से आगे बढ़ेगा। क्रिसिल ने कहा कि इस बार तीसरी बार पैसेंजर व्हीकल सेक्टर नई ऊंचाई को छुएगा। भाषा की खबर के मुताबिक, सेक्टर को चालू वित्त वर्ष में कारों और निर्यात की मांग सुस्त बनी रहने के बावजूद छह से आठ प्रतिशत की अनुमानित दर से बढ़त मिल सकती है।

उपभोक्ता की प्रायोरिटी में है एसयूवी

खबर के मुताबिक, रेटिंग एजेंसी ने कहा कि उपभोक्ता की प्रायोरिटी में एक महत्वपूर्ण बदलाव ने एसयूवी की मांग को बढ़ा दिया है, जिससे इस वित्त वर्ष में इसकी बाजार हिस्सेदारी दोगुनी होकर कुल घरेलू मात्रा का लगभग 60 प्रतिशत हो गई है। वित्त वर्ष 2018-19 में कोविड-19 महामारी से पहले एसयूवी खंड की घरेलू बाजार हिस्सेदारी लगभग 28 प्रतिशत थी।

गाड़ियों की लागत में  हुई है बढ़ोतरी

क्रिसिल ने कहा कि पिछले तीन-चार साल में गाड़ियों की लागत में बढ़ोतरी हुई है क्योंकि विनिर्माता प्रीमियम वाहनों की कीमतें बढ़ा रहे हैं और उन्हें सुरक्षा और उत्सर्जन पर ज्यादा कड़े नियमों का पालन करना पड़ रहा है। निर्यात के मामले में भी स्थिति ऐसी ही है। यात्री वाहन निर्यात की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2018-19 में लगभग 17 प्रतिशत की तुलना में चालू वित्त वर्ष में धीमी होकर 14 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि यह मुख्य रूप से पिछले दो सालों में विपरीत मुद्रास्फीति और प्रमुख निर्यात बाजारों लैटिन अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका में विदेशी मुद्रा की सीमित उपलब्धता के चलते हैं। अगले वित्त वर्ष में भी यही रुझान रहने की संभावना है।

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