1. Hindi News
  2. पैसा
  3. ऑटो
  4. दिसंबर तक जारी रहेगी गाड़ियों की भारी डिमांड, सप्लाई चेन ऑटो सेक्टर की सबसे बड़ी चिंता

दिसंबर तक जारी रहेगी गाड़ियों की भारी डिमांड, सप्लाई चेन ऑटो सेक्टर की सबसे बड़ी चिंता

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : May 05, 2026 10:03 am IST,  Updated : May 05, 2026 10:03 am IST

रिपोर्ट में ये भी चेतावनी दी गई है कि बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव एक बड़ा जोखिम बना हुआ है।

Automobile Sales, Automobile Sales in april, Automobile Sales in april 2026, Automobile Sales data, - India TV Hindi
ट्रैक्टर, तीन-पहिया और ईवी की भी जबरदस्त डिमांड Image Source : TATA MOTORS

भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में चल रहा मांग का बढ़ता चक्र अगले 2-3 तिमाहियों तक (दिसंबर 2026) जारी रहने की उम्मीद है। साल 2026 तक ये उच्च वृद्धि दर बनी रहने की संभावना है, जिसके बाद साल 2027 में ये धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर आ जाएगी। Antique Stock Broking की एक रिपोर्ट में ये अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑटो सेक्टर ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की शानदार शुरुआत की है, जिसमें पैसेंजर वाहनों, कमर्शियल वाहनों, दोपहिया वाहनों, ट्रैक्टरों और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे सभी क्षेत्रों में बिक्री में व्यापक स्तर पर बढ़ोतरी देखी गई। इस बढ़ोतरी को जीएसटी दरों में कटौती के बाद बढ़े हुए सामर्थ्य, ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक माहौल और प्रीमियम उत्पादों की ओर बढ़ते रुझानों से समर्थन मिला है।

भू-राजनीतिक तनाव एक बड़ा जोखिम

हालांकि, रिपोर्ट में ये भी चेतावनी दी गई है कि बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। खासतौर पर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही निर्यात और मुनाफे को लेकर काफी चुनौतीपूर्ण दिख रही है। माल ढुलाई की बढ़ती लागत, कमोडिटी की कीमतों में महंगाई और सप्लाई चेन में संभावित बाधाएं मुख्य चिंताएं बनी रहने की उम्मीद है।

टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी की बिक्री में बंपर बढ़ोतरी

यात्री वाहन सेगमेंट में, अप्रैल 2026 में घरेलू थोक बिक्री की मात्रा में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई। टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी ने इस वृद्धि में सबसे बड़ी भूमिका निभाई, जिनकी बिक्री में क्रमशः 31 प्रतिशत और 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। महिंद्रा एंड महिंद्रा और हुंडई ने अपेक्षाकृत मध्यम वृद्धि दर्ज की, जो क्रमशः 8 प्रतिशत और 17 प्रतिशत रही। रिपोर्ट के अनुसार, मारुति का प्रदर्शन यूटिलिटी वाहनों, कॉम्पैक्ट कारों और मिनी सेगमेंट में मजबूत मांग के कारण बेहतर रहा। टोयोटा किर्लोस्कर ने भी 21 प्रतिशत की वृद्धि के साथ मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि जेएसडब्लू एमजी मोटर और किआ ने क्रमशः 4 प्रतिशत और 3 प्रतिशत की मध्यम वृद्धि दर्ज की।

कमर्शियल गाड़ियों की बिक्री भी बढ़ी

कमर्शियल वाहनों (अशोक लेलैंड को छोड़कर) की बात करें तो इस सेगमेंट में पिछले साल की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसे बुनियादी ढांचे से जुड़ी मांग और माल ढुलाई की स्थिर गतिविधियों से समर्थन मिला। टाटा मोटर्स ने ने 28 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। टाटा की बिक्री में वृद्धि का मुख्य कारण छोटे कमर्शियल वाहनों (कार्गो और पिकअप सेगमेंट) में मजबूत मांग रही, जिसमें लगभग 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। आयशर और वोल्वो के जॉइंट वेंचर वीई कमर्शियल व्हीकल्स और महिंद्रा के हल्के कमर्शियल वाहन (LCV) कारोबार ने क्रमशः 9 प्रतिशत और 7 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि दर्ज की।

30 प्रतिशत बढ़ी दोपहिया की बिक्री

दोपहिया वाहन श्रेणी (बजाज ऑटो को छोड़कर) में साल-दर-साल लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिसमें हीरो मोटोकॉर्प की 85 प्रतिशत और रॉयल एनफील्ड की 37 प्रतिशत की मजबूत बढ़त का अहम योगदान रहा। टीवीएस मोटर कंपनी ने 8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की, जिसे EV बिक्री में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी से बल मिला। हालांकि, सप्लाई-चेन में रुकावटों के चलते मोटरसाइकिलों की बिक्री में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। निर्यात में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, हालांकि अलग-अलग कंपनियों का प्रदर्शन अलग-अलग रहा।

ट्रैक्टर, तीन-पहिया और ईवी की भी जबरदस्त डिमांड

ट्रैक्टरों की बिक्री भी मजबूत बनी रही। देश में ट्रैक्टरों घरेलू बिक्री में लगभग 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसे खेती-बाड़ी के लिए अनुकूल माहौल, जलाशयों में पानी के अच्छे स्तर और सरकारी मदद से बल मिला। महिंद्रा, एस्कॉर्ट्स और वीएसटी टिलर्स ने क्रमशः 21 प्रतिशत, 28 प्रतिशत और 17 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। तीन-पहिया वाहनों में, महिंद्रा और टीवीएस ने क्रमशः 81 प्रतिशत और 61 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों के सेगमेंट में साल-दर-साल 74 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिसमें टाटा मोटर्स, महिंद्रा और मारुति सुजुकी की बाजार हिस्सेदारी क्रमशः 37 प्रतिशत, 23 प्रतिशत और 5 प्रतिशत रही।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Auto से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा