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बैंक यूनियनों ने 29 जुलाई को हड़ताल की चेतावनी दी

 Published : Jul 19, 2016 08:18 am IST,  Updated : Jul 19, 2016 08:46 am IST

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कर्मचारी यूनियनों ने 29 जुलाई को हड़ताल की घोषणा की है। बैंकिंग सुधारों पर रोक लगाने की मांग को लेकर बैंकों में हड़ताल रहेगी।

29 जुलाई को फिर हड़ताल पर जा सकते हैं बैंक कर्मचारी, यूनियनों ने दी सरकार को चेतावनी- India TV Hindi
29 जुलाई को फिर हड़ताल पर जा सकते हैं बैंक कर्मचारी, यूनियनों ने दी सरकार को चेतावनी

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कर्मचारी यूनियनों ने बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों के खिलाफ 29 जुलाई को हड़ताल की घोषणा की है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने बैंकों को सूचित किया है कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने हड़ताल का नोटिस दिया है। इसके अनुसार यूएफबीयू ने बैंकिंग सुधारों पर रोक लगाने की मांग को लेकर 29 जुलाई को सभी बैंकों में हड़ताल की घोषणा की है।

दत्तात्रेय ने ट्रेड यूनियनों से मुलाकात की

श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने  केंद्रीय ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन्हें उनकी 12सूत्रीय मांगों के संबंध में उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय टे्रड यूनियनें 12 सूत्रीय मांग पत्र पर जोर दे रही हैं। इन्होंने अपनी मांगों के समर्थ में सितंबर को देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। मंत्री ने इस मुद्दे को लेकर लगभग 10 महीने बाद यूनियनों से मुलाकात की। उन्होंने प्रतिनिधियों को बताया कि सरकार उनकी आठ मांगों पर काम कर रही है और सात मुद्दों पर अच्छी प्रगति भी हो चुकी है।

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यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के बैनर तले होगी। इस संगठन में देश भर के नौ कर्मचारी संगठन शामिल हैं जो 10 लाख बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण न करने समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने एक बयान में कहा कि इसके अलावा श्रम संगठन क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों के निजीकरण, बैंकों के दूसरे बैंकों में विलय और पुनर्गठन का भी विरोध कर रहे हैं।

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