नई दिल्ली। ग्राहकों की संख्या की दृष्टि देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल का एकीकृत शुद्ध लाभ 31 दिसंबर, 2017 को समाप्त चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 39 प्रतिशत घटकर 306 करोड़ रुपए रह गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 504 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था।
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एयरटेल को भारतीय बाजार में वोडाफोन, आइडिया सेल्यूलर के साथ नई कंपनी रिलायंस जियो से कड़ी चुनौती मिल रही है। तिमाही के दौरान कंपनी की आय 13 प्रतिशत घटकर 20,319 करोड़ रुपए पर आ गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 23,336 करोड़ रुपए रही थी। भारती एयरटेल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (भारत एवं दक्षिण एशिया) गोपाल विट्टल ने कहा कि घरेलू इंटरकनेक्शन प्रयोग शुल्क (आईयूसी) में कटौती के नियामकीय आदेश से तीसरी तिमाही में उद्योग का औसत राजस्व प्रति ग्राहक (एआरपीयू) घटा है।
विट्टल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय टर्मिनेशन शुल्क घटाने के हालिया फैसले से उद्योग का एआरपीयू और घटेगा और इससे विदेशी ऑपरेटरों को फायदा होगा, वहीं ग्राहकों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पाएगा। कंपनी के 16 देशों में कुल ग्राहकों की संख्या 39.42 करोड़ पर पहुंच गई है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 9.2 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने बयान में कहा कि तीसरी तिमाही में उसका भारतीय बाजार में राजस्व घरेलू टर्मिनेशन दरों में कटौती को समायोजित करने के बाद 11.3 प्रतिशत घटकर 15,294 करोड़ रुपए रहा है।
वहीं दूसरी ओर अफ्रीकी बाजार में कंपनी की आमदनी इससे पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 5.3 प्रतिशत बढ़ी है। तिमाही के दौरान कंपनी का एकीकृत शुद्ध कर्ज बढ़कर 91,714 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो इससे पिछली तिमाही में 91,480 करोड़ रुपए था। कंपनी के निदेशक मंडल ने 2.84 रुपए प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश की घोषणा की है।