नई दिल्ली। आम बजट से पहले वित्त सचिव हसमुख अधिया ने अमेरिका में प्रस्तावित बड़े कर सुधारों के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में विचार मांगे हैं। इसके अलावा उद्योग जगत को आर्थिक वृद्धि के प्रोत्साहन के लिए और भी सुझाव देने को कहा गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कंपनियों की आमदनी बढ़ाने के लिए कॉरपोरेट कर की दर को 35 से घटाकर 20 प्रतिशत के निचले स्तर पर लाने का प्रस्ताव किया है।
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इस कदम से भारत का व्यापार और अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उद्योग मंडल फिक्की के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में अधिया ने इस बारे में भी सुझाव देने को कहा है जिससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के घटनाक्रमों का घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जा सके। सचिव अन्य उद्योग मंडलों और संगठनों के साथ इसी तरह की बैठक करेंगे।
फिक्की के महासचिव संजय बारू ने कहा कि हमने ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित कर सुधारों के दीर्घावधि प्रभाव पर विचार किया। यदि इन सुधारों को मंजूरी मिल जाती है तो इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर होगा। इससे वस्तुओं और सेवाओं निर्यात प्रभावित होगा और देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी प्रभावित होगा।