नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी गैस कंपनी गेल (GAIL) इंडिया की योजना देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की है। साथ ही भविष्य में उभरते सौर बाजार को देखते हुए वह सौर संयंत्र भी विकसित करेगा। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि कंपनी दूषित पानी के शोधन संयंत्र, जल वितरण और पानी की बड़ी पाइपलाइनों के कारोबार में भी संभावनाएं तलाश रही है।
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उन्होंने कहा कि हमारे पास देश में पाइपलाइन और गैस विपणन का सबसे बड़ा नेटवर्क है। हम उभरती कारोबारी संभावनाओं में इसका लाभ उठाना चाहते हैं। हम भविष्य के लिए तैयार होना चाहते हैं।
कंपनी अपने सीएनजी स्टेशनों पर ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की संभावनाओं को देख रही है। कंपनी की योजना अपने कारोबार का विस्तार गैस और पेट्रोरसायनों से इतर करने की है।
अधिकारी ने बताया कि इन सभी मसलों पर निदेशक मंडल स्तर पर वार्ता चल रही है। बहुत कुछ नियमों पर निर्भर करेगा। जैसे हमें अभी नहीं पता कि किसी पेट्रोल पंप या सीएनजी स्टेशन पर बैटरी चार्जिंग की सुविधा दी जा सकती है या नहीं।
नए कारोबारों में संभावनाएं तलाशने के लिए कंपनी अपने संविधान (मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन) में छह नये प्रावधान जोड़ना चाहती है। कंपनी प्राकृतिक गैस, पेट्रोरसायन और ऊर्जा क्षेत्र में स्टार्टअप कंपनियों पर निवेश करना चाहती है। इसके अलावा स्वास्थ्य, समाज एवं पर्यावरण, सुरक्षा एवं संरक्षा जैसे क्षेत्रों में सीधे या परोक्ष निवेश की उसकी योजना है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक खास रणनीति बनायी है। उस दौरान बैटरी चार्जिंग स्टेशनों की जरूरत पड़ेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी की योजना इस तरह के स्टेशन स्थापित करने की है। कंपनी की 34वीं वार्षिक आम सभा 11 सितंबर को है।