नई दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को 21 और भ्रष्ट कर अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्ति दे दी है। सरकार ने पांचवीं बार भ्रष्ट अधिकारियों को सिस्टम से बाहर निकालने की घोषणा की है।
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वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सरकार ने भ्रष्टाचार और अन्य गलत कार्यों में लिप्त अधिकारियों को पकड़ने के लिए एक अभियान चलाया हुआ है और ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को सजा के तौर पर उन्हें जबरन सेवानिवृत्ति दी जा रही है।
वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सार्वजनिक हित में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सेवा नियमावली के नियम 56 (जे) के तहत ग्रुप बी रैंक के 21 आयकर अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्ति दी है। इन सभी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के अलावा अन्य संगीन आरोप हैं और ये सभी सीबीआई की जांच के घेरे में हैं।