नई दिल्ली। आवास ऋण देने वाली प्रमुख वित्तीय कंपनी एचडीएफसी ने अपने फ्लोटिंग कर्ज पर ब्याज दरों में 0.10 प्रतिशत कटौती की है। इसके साथ ही एचडीएफसी भी अब उन ऋणदाताओं की सूची में शामिल हो गई है, जिन्होंने हाल के दिनों में अपने ऋण पर ब्याज दरों में संशोधन किया है।
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इस कटौती का लाभ एचडीएफसी के मौजूदा और नया ऋण लेने वाले दोनों ग्राहकों को मिलेगा। इससे वेतनभोगी ग्राहकों के लिए ऋण की ब्याज दर निचले स्तर पर 8.25 प्रतिशत और ऊंचे स्तर पर 8.65 प्रतिशत रह जाएगी। यह कटौती 15 अक्टूबर से प्रभावी हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने फरवरी, 2019 से नीतिगत दर यानी रेपो दर में कुल मिलाकर 1.35 प्रतिशत की कटौती की है। उसके बाद से कई बैंक आदि अपनी ब्याज दरों में कटौती कर चुके हैं। आवास ऋण के क्षेत्र में एचडीएफसी के बड़े प्रतिद्वंद्वी भारतीय स्टेट बैंक ने भी पिछले सप्ताह अपने ऋण पर ब्याज दर में 0.10 प्रतिशत की कटौती की थी।
इसके बाद स्टेट बैंक की एक साल की सीमांत लागत आधारित ऋण की ब्याज दर (एमसीएलआर) 8.05 प्रतिशत रह गई। स्टेट बैंक के कुछ कर्ज अभी भी एमसीएलआर से जुड़े हैं। जुलाई से बैंक के नए आवास ऋण रेपो दर से जुड़े हैं।
एचडीएफसी के प्रवक्ता ने कहा कि हमने अपने आवास ऋण पर खुदरा प्रधान ऋण दर में 0.10 प्रतिशत की कटौती की है। यह कटौती 15 अक्टूबर से प्रभावी होगी।