नई दिल्ली। इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स के लिए आधार व नेट बैंकिंग आधारित ई-फाइलिंग सत्यापन प्रणाली शुरू की है, जिसके जरिये वे टैक्स अधिकारी के समक्ष पहली अपील दायर कर सकेंगे। यह प्रणाली ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग की तरह ही है।
विभाग ने टैक्स अधिकारियों व टैक्सपेयर्स के बीच हस्तक्षेप को कम करने के लिए अपने आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपनी तरह की यह पहली सुविधा हाल ही में शुरू की है। विभाग ने इस बारे में अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार एक इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड (ईवीसी) का इस्तेमाल टैक्सपेयर्स के एक ही फॉर्म की पुष्टि के लिए किया जा सकता है। यह ईवीसी 72 घंटे या अन्य उल्लेखित अवधि के लिए वैध होगा। यह ईवीसी आधार डेटाबेस या नेट बैंकिंग पहचान के आधार पर ओटीपी की तरह लिया जा सकता है। अपील के फॉर्म में दस्तावेज भी नत्थी किए जा सकते हैं। यह ओटीपी अपीलकर्ता के व्यक्तिगत ई-मेल आईडी या मोबाइल फोन पर भेजा जाएगा।
अपील फॉर्म को डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल करते हुए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तरह ही फाइल किया जा सकता है। मौजूदा दो पन्ने का दस्तावेज, जिसे फॉर्म नंबर 35 कहते हैं, को विभाग ने पुन: जारी किया है, ताकि इसे ई-फाइलिंग पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिकली अपलोड किया जा सके।



































