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भारत ने ओपेक देशों से तेल उत्पादन की कटौती में कमी करने को कहा: धर्मेन्द्र प्रधान

दुनिया के तीसरे सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश भारत ने बुधवार को सऊदी अरब और अन्य वैश्विक तेल उत्पादकों से कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती का स्तर कम करने की अपील की है।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published : Feb 17, 2021 09:38 pm IST, Updated : Feb 17, 2021 10:05 pm IST
India asks OPEC countries to reduce oil production cuts Dharmendra Pradhan, Dharmendra Pradhan, - India TV Paisa
Photo:PTI

भारत ने ओपेक देशों से तेल उत्पादन की कटौती में कमी करने को कहा: धर्मेन्द्र प्रधान

नई दिल्ली: दुनिया के तीसरे सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश भारत ने बुधवार को सऊदी अरब और अन्य वैश्विक तेल उत्पादकों से कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती का स्तर कम करने की अपील की है। भारत ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से आर्थिक पुनरुद्धार और मांग प्रभावित हो रही है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि अगले कुछ महीनों तक तेल कीमतों के बजाए मांग में पुनरुद्धार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सऊदी अरब के फरवरी और मार्च में स्वेच्छा से 10 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती की घोषणा के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में तेजी है। 

सऊदी अरब ने तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और रूस समेत सहयोगी देशों (ओपेक प्लस) के साथ समझौते के तहत यह कदम उठाया है। इससे तेल कीमत 63 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गयी है जो एक साल का उच्चतम स्तर है। इससे भारत में खुदरा मूल्य 100 रुपये लीटर से ऊपर निकल गया है। प्रधान ने ऊर्जा परिदृश्य पर 11वें आईईए आईईएफ ओपेक संगोष्ठी में कहा, ‘‘पिछले कुछ सप्ताह से कच्चे तेल के दाम में तेजी से पहले से मांग में गिरावट के कारण नाजुक वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार पर असर पड़ रहा है।’’ 

उन्होंने कहा कि भारत ने मुद्रास्फीति दबाव को कई मोर्चों पर काबू में किया है लेकिन कच्चे तेल के कारण उत्पन्न महंगाई पर वह कुछ नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, ‘‘कीमत को लेकर संवेदशील भारतीय ग्राहक पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ने से प्रभावित है। इससे मांग वृद्धि पर भी असर पड़ रहा है। इससे न केवल भारत में बल्कि दूसरे विकासशील देशों में नाजुक आर्थिक वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।’’ पेट्रोल की बिक्री छह महीने पहले कोविड पूर्व स्तर पर पहुंच गयी थी, वह फिर से फरवरी के पहले पखवाड़े में महामारी पूर्व स्तर से नीचे आ गयी है। 

प्रधान ने कहा, ‘‘उपभोग आधारित पुनरूद्धार की तत्काल जरूरत है।’’ उन्होंने उत्पादन में कटौती का जिक्र करते हुए कहा कि उत्पादक और उपभोक्ता दोनों देशों का सामूहित हित इसे बढ़ाने में है। मंत्री ने कहा, ‘‘प्रमुख उत्पादक देशों ने घोषित उत्पादन कटौती में न केवल संशोधन किया बल्कि स्वेच्छा से अतिरिक्त कटौती भी कर रहे हैं। मैंने कोविड महामारी के कारण मांग में कमी को देखते हुए पिछले साल अप्रैल में प्रमुख तेल उत्पादक देशों के उत्पादन में कटौती को लेकर संयुक्त फैसले का समर्थन किया था।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि इसे बढ़ाया जाए क्योंकि यह उत्पादक और उपभोक्ता दोनों देशों के हित में है।’’ प्रधान ने कहा कि सऊदी अरब के तेल मंत्री अब्दुल अजीज बिन सलमान अल सऊद और ओपेक महासचिव मोहम्मद सानुसी बारकिंडो इस बात को सुन रहे हैं। ‘‘इस समय संतुलित रुख अपनाने की जरूरत है।’’ गौरतलब है कि ईंधन के दाम में लगातार नौवें दिन बढ़ोतरी के साथ पेट्रोल की कीमत राजस्थान में 100 रुपये लीटर से ऊपर निकल गयी है। 

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