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भारतीय स्‍टार्टअप्‍स सेक्‍टर में शुरू हुआ अधिग्रहण का खेल, 2016 में विलय और अधिग्रहण में हुआ 35% इजाफा

फंड की समस्‍या से जूझ रही भारतीय स्‍टार्टअप्‍स इंडस्‍ट्री में 2016 की शुरुआत से ही विलय और अधिग्रहण (एमएंडए) में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

Dharmender Chaudhary
Published : Oct 08, 2016 09:02 am IST, Updated : Oct 08, 2016 09:02 am IST
New Era: भारतीय स्‍टार्टअप्‍स सेक्‍टर में शुरू हुआ अधिग्रहण का खेल, 2016 में विलय और अधिग्रहण में हुआ 35% इजाफा- India TV Paisa
New Era: भारतीय स्‍टार्टअप्‍स सेक्‍टर में शुरू हुआ अधिग्रहण का खेल, 2016 में विलय और अधिग्रहण में हुआ 35% इजाफा

नई दिल्‍ली। फंड की समस्‍या से जूझ रही भारतीय स्‍टार्टअप इंडस्‍ट्री में 2016 की शुरुआत से ही विलय और अधिग्रहण (एमएंडए) में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्‍टार्टअप डाटा इकट्ठा करने वाली कंपनी Xeler8 के मुताबिक जुलाई-सितंबर 2016 के दौरान एमएंडए गतिविधियों में 35 फीसदी का इजाफा हुआ है और तीमाही आधार पर सितंबर तिमाही में ऐसे 65 सौदे हुए हैं।

दिल्‍ली स्थित Xeler8 के फाउंडर ऋषभ लवानिया कहते हैं कि,

बहुत से स्‍टार्टअप्‍स फंड जुटाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, इसलिए उनकी इच्‍छा है कि कोई उनका अधिग्रहण कर ले क्‍योंकि यह बंद करने से ज्‍यादा बेहतर होगा।

 वास्‍तव में कई सारे स्‍टार्टअप्‍स अधिग्रहण की प्रक्रिया में हैं, जिनके बारे में अभी खबरें सार्वजनिक नहीं की गई हैं। बहुत सारे एंटरप्रेन्‍योर्स अपना घाटा कम करना चाहते हैं और इसलिए अपने वेंचर्स को वह बेच रहे हैं। निवेशकों के कमजोर रुझान की वजह से स्‍टार्टअप्‍स के वैल्‍यूएशन में काफी सुधार आया है। कई मामलों में स्‍टार्टअप्‍स का वैल्‍यूएशन जुलाई-सितंबर 2015 की तुलना में जुलाई-सितंबर 2016 में घटकर तकरीबन आधा रह गया है। लवानिया बताते हैं कि एमएंडए में हुई वृद्धि का एक और कारण है कि बहुत से लेट-स्‍टेज स्‍टार्टअप्‍स अपनी वैल्‍यूएशन को जस्‍टीफाई करने के लिए बिकना चाहते हैं। कई बड़े खिलाड़ी इनऑर्गेनिक ग्रोथ अवसरों को खोज रहे हैं, इसलिए वे यह दिखाने की भी कोशिश कर रहे हैं कि वह बाकई में कुछ बेहतर कर रहे हैं। जुलाई-सितंबर के दौरान कुछ बड़े अधिग्रहण भी हुए हैं, जिनमें हैदराबाद की मशीन लर्निंग स्‍टार्टअप TupleJump का अधिग्रहण एप्‍पल ने किया है। रेडबस ने पेरू की ऑनलाइन बस टिकटिंग प्‍लेटफॉर्म बसपोर्टल को खरीदा है।    यह भी पढ़ें: 50 भारतीय स्‍टार्टअप्‍स में है एक अरब डॉलर का वैल्‍यूएशन हासिल करने की क्षमता जुलाई-सितंबर के दौरान कुछ प्रमुख एमएंडए इस प्रकार हैं:    

Target Acquirer Deal size ($ million)
Citrus PayUbiz 130
Jabong Myntra 70
Privi Organics Fairfax India 55
Ash Stevens Piramal Group 43
Praxair JSW Steel 36

         

Xeler8 के आंकड़ों के मुताबिक भारतीय स्‍टार्टअप्‍स में वीसी इन्‍वेस्‍टमेंट लगातार तीसरी तिमाही में भी घटा है। जुलाई-सितंबर तिमाही में फंडिंग सौदे घटकर 295 रह गए, जो अप्रैल-जून तिमाही में 310 और जनवरी-मार्च तिमाही में 344 थे।

नजदीकी दिनों में निवेशकों का रुझान में कोई सुधार न होने की वजह से  Xeler8 को उम्‍मीद है कि अगली दो तिमाहियों में और अधिक एमएंडए देखने को मिल सकते हैं।

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