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आईएमएफ ने मोदी के आर्थिक सुधार का किया समर्थन, 2016 में GDP 7.5 फीसदी रहने का अनुमान

 Written By: Surbhi Jain
 Published : Nov 13, 2015 10:27 am IST,  Updated : Nov 13, 2015 04:25 pm IST

आईएमएफ ने कहा कि पॉलिसी रिफॉर्म से भारत की ग्रोथ को फायदा होगा। इसको देखते हुए आईएमएफ ने 2016 में भारत की GDP ग्रोथ रेट 7.5% रहने का अनुमान लगाया है।

आईएमएफ ने मोदी के आर्थिक सुधार का किया समर्थन, 2016 में GDP 7.5 फीसदी रहने का अनुमान- India TV Hindi
आईएमएफ ने मोदी के आर्थिक सुधार का किया समर्थन, 2016 में GDP 7.5 फीसदी रहने का अनुमान

वाशिंगटन। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) ने कहा कि वह भारत में आर्थिक सुधार की दिशा में एक के बाद एक उठाए गए विभिन्न कदमों का मोटे तौर पर समर्थन करता है। आईएमएफ का कहना है कि भारत का सुधार कार्यक्रम सही दिशा में चल रहा है। आईएमएफ ने 2016 में भारत की GDP ग्रोथ रेट 7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। वहीं, चीन की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.3 फीसदी रहने का अनुमान है।

2015 में 7.3 फीसदी रहेगी भारत की जीडीपी ग्रोथ

आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में इस साल 2015 में वृद्धि दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है, जो कि जुलाई के अनुमान से 0.2 फीसदी कम है। आईएमएफ ने अगले हफ्ते तुर्की में प्रस्तावित जी20 शिखर सम्मेलन से पहले जारी रिपोर्ट जी 20: वैश्विक परिदृश्य व चुनौतियां में यह निष्कर्ष निकाला है। इसके अनुसार इमर्जिंग इकोनॉमी में 2015 में जीडीपी ग्रोथ में लगातार पांचवें साल कमी आएगी लेकिन अगले साल से यह मजबूत होगी।

रियल एस्टेट, कर्ज और इंवेस्टमेंट में कमजोरी का चीन पर दबाव

रिपोर्ट के मुताबिक, रियल एस्टेट, कर्ज और इंवेस्टमेंट में कमजोरी जारी रहने के कारण चीन की ग्रोथ में गिरावट अपेक्षित है। वहीं हाल के नीतिगत सुधारों, निवेश में बढ़ोत्तरी और कमोडिटी की कीमतों में आई गिरावट का फायदा भारत को होगा।

जी20 में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चर्चा करेंगे ओबामा

अगले हफ्ते जी20 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा वैश्विक अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए विश्व नेताओं से ठोस कार्रवाई पर चर्चा करेंगे। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सूजन राइस ने कहा राष्ट्रपति वैश्विक अर्थव्यवस्था को ज्यादा मजबूत बनाने, विकास को अधिक समावेशी बनाने पर जोर देंगे। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को अधिक लचीला बनाने, दीर्घकालिक विकास के लिए निवेश जुटाने और आर्थिक सुधार और श्रम बाजार पर पिछली प्रतिबद्धताओं को लागू करने के लिए ठोस कार्रवाइयों पर चर्चा करेंगे।

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