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इंडिगो करेगी 10 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी, कोरोना संकट का असर

कंपनी के मुताबिक महामारी की वजह से एयरलाइंस के लिए लागत निकालना भी मुश्किल

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: July 20, 2020 22:02 IST
- India TV Paisa
Photo:FILE PHOTO, PTI

 IndiGo to lay off 10% employees

नई दिल्ली। सस्ती विमानन सेवा देने वाली कंपनी इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजय दत्ता ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से पैदा हुए आर्थिक संकट के चलते कंपनी को अपने 10 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करनी होगी। दत्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘मौजूदा जो हालात है, उसमें कंपनी को चलाते रहने के लिए बिना कुछ बलिदान दिए इस आर्थिक संकट से निपट पाना हमारी कंपनी के लिए असंभव हो गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में हर संभव उपाय पर गौर करने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि हमें अपने कार्यबल में 10 प्रतिशत की कमी करने का पीड़ादायक फैसला लेने की जरूरत होगी। इंडिगो के इतिहास में इतना दुखद कदम पहली बार उठाया जा रहा है।’’ इंडिगो के कर्मचारियों की संख्या 31 मार्च 2019 को 23,531 थी। दत्ता ने कहा कि इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को उनके ‘नोटिस पीरियड’ (नौकरी छोड़ने या निकालने की पूर्व सूचना अवधि) का वेतन दिया जाएगा। इसका भुगतान उनके सकल वेतन के आधार पर किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि नोटिस पीरियड के भुगतान के अलावा हटाए जाने वाले कर्मचारियों का कंपनी से निकालने का भुगतान भी किया जाएगा। इसकी गणना उनके वेतन पर आने वाली कंपनी की मासिक लागत (कॉस्ट टू कंपनी-सीटीसी) के आधार पर की जाएगी। यह वेतन उनकी नौकरी की अवधि के प्रत्येक वर्ष के आधार पर अधिकतम 12 महीने के लिए दिया जाएगा। आसान भाषा में समझें तो यदि कोई कर्मचारी छह साल से इंडिगो के साथ है तो उसे सीटीसी के हिसाब से छह माह का वेतन दिया जाएगा। वहीं जिस कर्मचारी ने 12 वर्ष या उससे अधिक अवधि के लिए अपनी सेवाएं इंडिगो को दी हैं तो उसे कंपनी से निकाले जाने का अधिकतम 12 महीने का ही वेतन दिया जाएगा।

दत्ता ने स्पष्ट किया कि नौकरी से निकाले जाने वाले प्रत्येक कर्मचारी को उपरोक्त दोनों तरह के वेतन मिलाकर न्यूनतम तीन माह का वेतन मिलेगा। उपरोक्त गणना के हिसाब से जिस कर्मचारी ने कंपनी के साथ ज्यादा वक्त बिताया है उसे उतना अधिक वेतन मिलेगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले क्षेत्र यात्रा और पर्यटन ही रहे हैं। इसका बुरा असर विमानन उद्योग पर पड़ा है। देश में चले करीब दो महीने के लॉकडाउन और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर रोक के चलते विमानन उद्योग के लिए अपने खर्चे पूरे करना भी मुश्किल हो रहा है। इस वजह से देश में प्रत्येक विमानन कंपनी ने लागत कटौती के उपाय अपनाए हैं। इसमें कर्मचारियों की छंटनी से लेकर उन्हें बिना वेतन के अवकाश पर भेजने जैसे उपाय शामिल हैं। दत्ता ने कहा कि छंटनी से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को उनके सालाना बोनस और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि का भी भुगतान किया जाएगा। वहीं उनका स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा कवर दिसंबर 2020 तक बरकरार रहेगा। इतना ही नहीं, यदि प्रभावित होने वाले कर्मचारियों में से कोई अपने गृह नगर वापस जाना चाहता है तो इंडिगो उन्हें एक तरफ का हवाई यात्रा टिकट देकर मदद भी करेगी।

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