1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. ओसामा बिन लादेन की चिट्ठी से हुआ खुलासा, सोना और यूरो में करता था निवेश

ओसामा बिन लादेन की चिट्ठी से हुआ खुलासा, सोना और यूरो में करता था निवेश

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Apr 06, 2016 03:06 pm IST,  Updated : Apr 06, 2016 03:48 pm IST

वाल स्ट्रीट के दिग्गज फंड मैनेजर्स को सोने की तरफ आकर्षित होता देख ओसामा बिन लादेन ने भी सोने में निवेश करने का निर्णय लिया था।

As an Investor: ओसामा बिन लादेन की चिट्ठी से हुआ खुलासा, सोना और यूरो में लगाता था पैसा- India TV Hindi
As an Investor: ओसामा बिन लादेन की चिट्ठी से हुआ खुलासा, सोना और यूरो में लगाता था पैसा

नई दिल्ली। जब सब प्राइम मॉर्गेज से शुरू हुई ग्लोबल मंदी ने दुनियाभर में सोने (Gold) को सबसे सुरक्षित और आकर्षक निवेश बना दिया था, उस समय आतंकी संगठन अलकायदा ने भी सोने को ही निवेश के लिए सबसे उपयुक्त माना था। यह 2010 के अंत का वह समय था जब अल कायदा करीब 50 लाख डॉलर की रकम फिरौती से उगाही कर बैठा था। तब वाल स्ट्रीट के दिग्गज फंड मैनेजर्स को सोने की तरफ आकर्षित होता देख ओसामा बिन लादेन ने भी सोने में निवेश करने का निर्णय लिया था। यह बात दिसंबर 2010 में अरबी भाषा में लिखे गए एक खत के अनुवाद के बाद सामने आई है।

इस खत में ओसामा बिन लादेन अलकायदा के मैनेजर को यह निर्देश दे रहा है कि फिरौती से उगाही गई रकम के एक तिहाई हिस्से (करीब 17 लाख डॉलर) से सोने के सिक्के और छड़ें खरीद ली जाएं। यह खत 2011 में अबोटाबाद ऑपरेशन के बाद ओसामा बिन लादेन के घर पर छापे के बाद नेवी की ओर से जब्त किए गए गुप्त खजाने का हिस्सा है। सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी की ओर से यह दस्तावेज पिछले महीने जारी किए गए। इस खत के माध्यम से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैसे अलकायदा जैसा संगठन फिरौती के जरिए उगाही गई रकम को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करता था।

जानिए सोने से जुड़े तथ्‍य

Facts of Gold

Gold-1Facts of Gold

Gold-2Facts of Gold

Gold-3Facts of Gold

Gold-4Facts of Gold

Gold-5Facts of Gold

इस खत में ओसामा बिन लादेन अलकायदा के मैनेजर एतियाह अब्द अल रहमान से यह कह रहा है कि सोने की कीमतें मौजूदा स्तर से ऊपर की ओर जाती दिख रही हैं। छोटी अवधि में भले कुछ गिरावट देखने को मिले लेकिन आने वाले कुछ वर्षों में कीमतें 3000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती हैं। ओसामा बिन लादेन के मरने के 5 महीने बाद 2011 में सोना 1900 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया था। लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि उसे फाइनेंन का अच्छा ज्ञान था। सोने की कीमतों में तेजी का अनुमान उस वक्त दुनिया के बड़े निवेशक और अमेरिकी भी लगा रहे थे। 2010 में सोने की डिमांड उच्चतम स्तर पर था।

बिन लादेन अमेरिकी डॉलर में ना तो निवेश करना चाहता था ना ही रखना। अफगान कैदी के लिए फिरौती मिली थी, मेरा मानना है कि एक तिहाई हिस्से सोना खरीदना चाहिए और एक तिहाई से यूरो। बिन लादेन ने कहा कि रोजाना होने वाले खर्चों के लिए कुवैती दिनार और चीनी युआन भी खरीद सकते हैं। उसने अपने मैनेजर को आदेश दिया था कि जब भी पैसा खर्च करनो हो तो पहले यूरो, फिर दिनार उसके बाद युआन का इस्तेमाल करना। इन सबसे बाद ही सोना बेचना।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा