नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने आज कहा कि आरबीआई बांड योजना को बंद नहीं किया गया है बल्कि इस पर ब्याज दर को घटाकर 7.75 प्रतिशत किया गया है। इससे पहले इन बांड को बंद किए जाने की खबर मीडिया में आई थीं। इससे पहले सोमवार को सरकार ने अधिसूचित किया था कि 8 प्रतिशत भारत सरकार (जीओओई) बचत (कर योग्य) बांड, 2003 का "मंगलवार, 2 जनवरी, 2018 से सब्सक्रिप्शन समाप्त हो रहा है।"
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आर्थिक मामलों के सचिव एस सी गर्ग ने आज अपने ट्वीट में लिखकर यह स्पष्ट किया है कि 8 प्रतिशत बचत बांड योजना बंद नहीं है बल्कि इसे 7.75 प्रतिशत बचत बांड से बदला गया है अर्थात 8 प्रतिशत योजना की जगह 7.75 प्रतिशत बचत बांड योजना लाई जा रही है। इसे आरबीआई बांड योजना के नाम से भी जाना जाता है।
यह कर योग्य बांड एनआरआई के साथ-साथ अन्य व्यक्तियों के लिए उपलब्ध है। इसमें निवेश की कोई उच्चतम सीमा नहीं है। 2003 में सरकार ने खुदरा निवेशकों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 8 प्रतिशत ब्याज की पेशकश के साथ ये बांड जारी किए थे। यह बांड 21 अप्रैल 2003 को सब्सक्रिप्शन के लिए खोला गया था और इनकी परिपक्वता अवधि छह साल तय की गई थी।