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फ्रैंकलिन टेंपलटन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को ई-वोटिंग के लिये पर्यवेक्षक नियुक्त करने को कहा

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Dec 09, 2020 04:51 pm IST,  Updated : Dec 09, 2020 04:55 pm IST

फ्रैंकलिन टेंपलटन ने सात दिसंबर को जानकारी दी कि उसने छह फिक्स्ड आय योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से बंद करने के लिये यूनिट धारकों की सहमति मांगी है। इसके लिये 26-28 दिसंबर को इलेक्ट्रानिक वोटिंग होगी और 29 दिसंबर को संबंधित योजनाओं के यूनिट धारकों की बैठक होगी।

MF योजनाओं को बंद करने...- India TV Hindi
MF योजनाओं को बंद करने के लिए ई-वोटिंग 26-28 दिसंबर को  Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सेबी से कहा कि फ्रैंकलिन टेंपलटन की छह म्यूचुअल फंड योजनाओं को बंद करने के बारे में दिसंबर के अंतिम सप्ताह में होने वाली ई-वोटिंग प्रक्रिया की निगरानी के लिये एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाये। शीर्ष अदालत ने कहा कि उसका तीन दिसंबर का वह आदेश अभी लागू रहेगा जिसमें उसने निर्देशित किया था कि फिलहाल यूनिट धारकों को उनके यूनिटों की धनराशि के भुगतान पर लगी रोक बनी रहेगी। न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने इस निर्देश के साथ ही इस मामले को जनवरी के तीसरे सप्ताह के लिये सूचीबद्ध कर दिया है। शीर्ष अदालत कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ फ्रैंकलिन टेंपलटन की अपील पर सुनवाई कर रही थी। उच्च न्यायालय ने निवेशकों की पूर्व सहमति के बगैर ही इन योजनाओं को बंद करने से फ्रैंकलिन टेंपलटन को रोक दिया था। सुनवाई शुरू होते ही सेबी की ओर से सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि इस मामले में सेबी द्वारा दायर अपील आज सूचीबद्ध नहीं हुयी है। मेहता ने जब न्यायालय से अनुरोध किया कि सेबी की अपील एक दो दिन के भीतर सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया जाये तो पीठ ने कहा, ‘‘हम इस मामले को जनवरी महीने में सूचीबद्ध कर सकते हैं।’’

फ्रैंकलिन टेंपलटन ने सात दिसंबर को कहा था कि उसने छह फिक्स्ड आय योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से बंद करने के लिये यूनिट धारकों की सहमति मांगी है। उसका कहना था कि इसके लिये 26-28 दिसंबर को इलेक्ट्रानिक वोटिंग होगी और 29 दिसंबर को संबंधित योजनाओं के यूनिट धारकों की बैठक होगी। न्यायालय ने तीन दिसंबर को फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड से कहा था कि वह इन छह योजनाओं को बंद करने को लेकर यूनिट धारकों की सहमति लेने के लिये एक सप्ताह में बैठक बुलाने की प्रक्रिया शुरू करे। पीठ ने टिप्पणी की थी कि यह एक बड़ा मुद्दा है और लोग अपना पैसा वापस चाहते हैं। न्यायालय ने पिछले सप्ताह अपने आदेश में कहा था, ‘‘इस दौरान, सभी पक्षकारों के हितों को प्रभावित किये बगैर ही ट्रस्टीज को यूनिट धारकों की सहमति लेने के लिये उनकी बैठक बुलाने की अनुमति दी जाती है। इस संबंध में आज से एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कदम उठाये जायेंगे।’’

सेबी ने न्यायालय से कहा था कि इन योजनाओ के समापन मे उसकी कोई भूमिका नहीं है लेकिन उसने इस संबंध में रिजर्व बैंक को लिखा था। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 24 अक्टूबर ने कहा था कि इन छह योजनाओं को बंद करने का फ्रैंकलिन टेंपलटन ट्रस्टी सर्विसेज प्रा लिमिटेड का फैसला यूनिट धारकों की सहमति के बगैर लागू नहीं किया जा सकता।

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