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Explainer: खत्म हो गई कर्नाटक की 'किच किच', कांग्रेस ने सुलझा लिया सीएम की कुर्सी का पेंच? जानें सबकुछ

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : May 26, 2026 11:54 pm IST,  Updated : May 27, 2026 02:10 am IST

Explainer on karnataka politics: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच चल रहा मनमुटाव और सियासी किच किच का आज अंत हो गया। जानकारी के मुताबिक सिद्धारमैया सीएम पद से जल्द इस्तीफा देंगे, जानें कांग्रेस ने कैसे इस विवाद का अंत किया?

राहुल गांधी, डीके...- India TV Hindi
राहुल गांधी, डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया Image Source : FILE PHOTO

Explainer: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली बड़ी जीत के बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया गया और डिप्टी सीएम बने डीके शिवकुमार। लेकिन कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद पिछले साल नवंबर में पहली बार नेतृत्व संकट सामने आया था और डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच सीएम पद को लेकर मनमुटाव की खबरें आने लगी थीं। शिवकुमार खेमे ने राज्य में  जीत के बाद 2023 में हुए सत्ता-साझाकरण, यानी ढाई-ढाई साल के कथित समझौते की सिद्धारमैया गुट को बार बार याद दिलाई और पार्टी हाई कमान को भी इसके बारे में बताया।


मनमुटाव के बीच इडली-डोसा पार्टी

पिछले दिसंबर में, बेंगलुरु में सिद्धारमैया और उनके डिप्टी के बीच हुई इडली-डोसा की बहुचर्चित बैठक का मकसद यह संदेश देना था कि किसी तरह के विवाद की कोई बात नहीं है, सब कुछ ठीक है। दोनों की मुलाकात इसलिए हुई क्योंकि हाई कमांड ने उन्हें आपस में बात करने और एकता का संदेश देने का निर्देश दिया था। दक्षिणी राज्य कर्नाटक  में नेतृत्व की उलझन की जड़ में शिवकुमार की यह मांग है कि उन्हें डिप्टी सीएम से सीएम के पद पर पदोन्नत किया जाए, जो उनके समर्थकों के अनुसार 2023 के राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान उनसे किया गया एक "वादा" था। तब से यह मुद्दा सुलगता चला आ रहा था।

डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया
Image Source : FILE PHOTOडीके शिवकुमार और सिद्धारमैया


सीएम की कुर्सी के लिए खटपट

इस साल जनवरी में, सिद्धारमैया ने कांग्रेस के दिग्गज नेता डी देवराज उर्स के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने रहने का  इतिहास रच दिया और शिवकुमार के लिए फिर से आवाजें तेज हो गईं। इसके बाद कांग्रेस ने दोनों खेमों के साथ कई बैठकें करवाईं और डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच के मनमुटाव को एकता के दिखावे के रूप में प्रदर्शित करने को कहा। लेकिन दोनों खेमे के बीच खटपट और विवाद की खबरें लगातार हेडलाइन बनती रहीं।  

केरल, तमिलनाडु के बाद कर्नाटक को देखेंगे

कांग्रेस नेतृत्व ने केरल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद कर्नाटक में चल रहे विवाद पर ध्यान केंद्रित करने की बात कहकर मामले को सुलझाए रखा। पिछले सप्ताह शिवकुमार के जन्मदिन के आसपास इस संकट के फिर से भड़कने के संकेत मिले जब उनके समर्थकों ने कांग्रेस कार्यालयों में "अगला मुख्यमंत्री" के पोस्टर लगाए और इसी संदेश वाले केक भी लाए। इसके बाद सिद्धारमैया ने सार्वजनिक रूप से कहा कि कांग्रेस हाई कमांड जो भी फैसला लेगा, वह उसका पालन करेंगे।

कांग्रेस ने कहा-अटकलें हैं, सच सामने आ गया

आज यानी 26 मई को दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी मीटिंग हुई जो कई घंटों चली और जिसमें कर्नाटक विवाद को लेकर मंथन चला। इस मीटिंग के बाद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “आज हमारी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ बड़ी बैठक हुई। पूरी चर्चा आगामी राज्यसभा और कर्नाटक विधानसभा चुनावों पर केंद्रित रही। आप लोग जो भी अटकलें लगा रहे हैं, वे केवल अटकलें हैं, उनका कोई वास्तविक आधार नहीं है।” 

इस प्रेस ब्रीफिंग के कुछ ही देर बाद, कांग्रेस सूत्रों ने संकेत दिया कि पार्टी हाई कमांड डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद के लिए समर्थन दे रही है, जबकि सिद्धारमैया को राज्यसभा सीट की पेशकश की जा रही है। यह सब तब हुआ जब पार्टी की तरफ से सार्वजनिक रूप से कहा गया कि कर्नाटक नेतृत्व को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।

कर्नाटक की सियासी किच किच
Image Source : INDIATVकर्नाटक की सियासी किच किच


28 मई को इस्तीफा देंगे सिद्धारमैया

खबर ये भी है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 28 मई यानी गुरुवार को पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सिद्धारमैया 28 मई को अपने आवास पर कैबिनेट के लिए ब्रेकफास्ट की मेजबानी करेंगे और इससे पहले सिद्धारमैया बुधवार को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला भी बुधवार को बेंगलुरु पहुंचेंगे। सूत्रों के अनुसार, महासचिव प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला को अभी तक न तो सामूहिक जनमत संग्रह (सीएलपी) बुलाने को कहा गया है, न ही सिद्धारामैया का इस्तीफा लेने को और न ही डीके को मुख्यमंत्री बनने की सूचना देने को कहा गया है।

कांग्रेस की प्रेस कांफ्रेंस
Image Source : PTIकांग्रेस की प्रेस कांफ्रेंस


सिद्धारमैया बोले-मुझे कुछ भी पता नहीं

आज दिल्ली में बैठक से पहले, 77 वर्षीय सिद्धरामैया ने कहा कि उन्हें दिल्ली "बुलाया गया" था और उन्हें चर्चा का विषय नहीं पता था। मुख्यमंत्री अपने कुछ कैबिनेट सहयोगियों और करीबी सहयोगियों के साथ चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कहा था, "मुझे दिल्ली बुलाया गया है। मुझे चर्चा का विषय नहीं पता। मेरी मंगलवार को सुबह 11 बजे एक बैठक है और अटकलें तो लगती ही रहेंगी।"

डीके शिवकुमार ने दिया था रहस्यमय जवाब

डीके शिवकुमार चार्टर्ड विमान से मुख्यमंत्री के साथ नहीं गए। शिवकुमार ने सोमवार को कहा था, "अगर हाई कमांड बुलाएगा तो मैं दिल्ली जाऊंगा। मुख्यमंत्री परिवर्तन पर टिप्पणी करना मेरा काम नहीं है।" हालांकि अपनी इस टिप्पणी के कुछ घंटों बाद, शिवकुमार ने देर रात एयर इंडिया की उड़ान भरी और दिल्ली पहुंचे। एक सप्ताह पहले संभावित नेतृत्व परिवर्तन के बारे में पूछे जाने पर, शिवकुमार ने रहस्यमय ढंग से जवाब दिया, "अच्छा समय आएगा।"

सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार
Image Source : FILE PHOTOसिद्धारमैया और डीके शिवकुमार

पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली, जो मुख्यमंत्री के साथ नाश्ते के दौरान उपस्थित थे, ने कहा, “पिछले छह महीनों से पार्टी में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, और हमें विश्वास है कि यह जल्द ही दूर हो जाएगी। हमें उच्च कमान से कोई फोन नहीं आया है, और हम मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ आए हैं। अभी तक चर्चा शुरू नहीं हुई है। बैठक समाप्त होने के बाद हम देखेंगे कि चर्चा किस दिशा में आगे बढ़ती है,” ।

उन्होंने आगे कहा, “हम केपीसीसी अध्यक्ष पद पर भी अपनी राय देंगे। हमें नहीं पता कि इस मामले पर बैठक में चर्चा होगी या नहीं। पार्टी कई समस्याओं का सामना कर रही है, और अगर नेतृत्व का मुद्दा सुलझ जाता है, तो बाकी सब अपने आप सुलझ जाएगा, पूरी पार्टी उच्च कमान के फैसले का पालन करेगी।” 

कौन होगा कर्नाटक का अगला सीएम

बता दें कि सिद्धारमैया को राहुल गांधी ने राज्य सभा के लिए जाने की सलाह दी थी और आठ जून को राज्य सभा के लिए नामांकन भरा जाएगा। अगर सिद्धारमैया की इच्छा हुई होगी तभी वे नामांकन से पहले ही सीएम पद से इस्तीफा देंगे और उसके बाद कांग्रेस तय करेगी कि किसे कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाएगी। हालांकि ज्यादा संभावनाएं हैं कि डीके शिवकुमार को ही सीएम बनाया जा सकता है।

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