कोलंबो। श्रीलंका सरकार ने रासायनिक उर्वरकों पर से आंशिक रूप से प्रतिबंध हटाने और निजी क्षेत्र को इसके आयात की अनुमति देने का फैसला किया है ताकि देश के किसान खुले बाजार से इसकी खरीद कर सकें। कृषि मंत्री महिंदानंद अलुतगमागे ने बुधवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने मई में इस द्वीपीय देश के कृषि क्षेत्र को 100 प्रतिशत जैविक बनाने के लिए रासायनिक उर्वरकों के आयात पर रोक लगाने का आदेश दिया था। हालांकि, प्रतिबंध हटाने का फैसला किसानों के लगातार दबाव के कारण आया है।
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अलुतगमागे ने कहा कि इस संबंध में एक गजट नोटिस जारी किया जाएगा और निजी क्षेत्र आज से रासायनिक उर्वरक, खरपतवारनाशी और कीटनाशकों का आयात कर सकेंगे। हालांकि, मंत्री ने जोर देकर कहा कि देश में हरित कृषि को बढ़ावा देने की नीति नहीं बदली है। पिछले हफ्ते शीर्ष कृषि अधिकारी उदित जयसिंघे ने कहा था कि रासायनिक उर्वरक आयात पर प्रतिबंध को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा। उसके बाद मंत्री ने कहा था कि धान और खेती के लिए आवश्यक रासायनिक उर्वरक के आयात पर प्रतिबंध रहेगा जिसके बाद भ्रम की स्थिति थी। जयसिंघे ने संवाददाताओं से कहा था कि घरेलू स्तर पर उत्पादित जैविक खाद से उर्वरक की सभी जरूरतें पूरी करना संभव नहीं है।
जयसिंघे ने कहा कि जैविक उर्वरक में नाइट्रोजन की मात्रा लगभग 3 से 4 प्रतिशत की है। उन्होंने कहा,धान की खेती के लिए इस मौसम में 80,000 टन नाइट्रोजन की आवश्यकता है। इसे पूरी तरह से कम्पोस्ट उर्वरक से घरेलू स्तर पर पूरा नहीं किया जा सकता है। श्रीलंका में सब्जियों की कीमतें हाल के हफ्तों में लगभग दोगुना हो गई हैं क्योंकि विरोध कर रहे किसानों ने खेती बंद कर दी है।