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PMC Bank: जमा राशियों की हिफाजत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कल होगी सुनवाई, अब तक 3 की हो चुकी है मौत

संकट से घिरे पंजाब एंड महाराष्ट्र को-आपरेटिव (पीएमसी) बैंक के खाताधारकों का विरोध प्रदर्शन तेज होने के बीच बैंक से संबंधित एक याचिका पर उच्चतम न्यायालय शुक्रवार (18 अक्टूबर) को सुनवाई करने पर राजी हो गया है।

India TV Business Desk India TV Business Desk
Published on: October 17, 2019 11:17 IST
PMC Bank case- India TV Paisa
Photo:PMC BANK CASE

PMC Bank case

नयी दिल्ली/मुंबई। संकट से घिरे पंजाब एंड महाराष्ट्र को-आपरेटिव (पीएमसी) बैंक के खाताधारकों का विरोध प्रदर्शन तेज होने के बीच बैंक से संबंधित एक याचिका पर उच्चतम न्यायालय शुक्रवार (18 अक्टूबर) को सुनवाई करने पर राजी हो गया है। यह याचिका पीएमसी बैंक में पड़ी खाताधारकों की जमाराशि की सुरक्षा के वास्ते तुरंत अंतरिम उपाय किये जाने के बारे में निर्देश देने को लेकर दायर की गई है। उच्चतम न्यायालय ने याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई है। गौरतलब है कि पिछले दिनों में पीएमसी बैंक में घोटाले को लेकर कम से कम तीन मौतें हुई हैं और लाखों खाताधारक परेशान हैं। इसी घटनाक्रम को देखते हुये उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की गई है। 

रिजर्व बैंक ने लगा रखे हैं कई प्रतिबंध

उधर पीएमसी बैंक के प्रशासक ने रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास सहित शीर्ष पदाधिकारियों से मुलाकात की है और बैंक के खाताधारकों को आश्वासन दिया है कि उनके हितों की सुरक्षा के लिये हरसंभव प्रयास किये जायेंगे। पीएमसी बैंक में 4,355 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आने के बाद रिजर्व बैंक ने बैंक पर लेनदेन संबंधी कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए। खाताधारकों के लिये बैंक खाते से छह महीने में नकदी निकासी सीमा 40,000 रुपए तय कर दी गई है। इससे पहले यह राशि काफी कम रखी गई थी। 

23 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी

इस बीच मुंबई की एक अदालत ने बैंक घोटाले के संदर्भ में एचडीआईएल के अधिकारियों और पीएमसी बैंक के पूर्व चेयरमैन को 23 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में ले लिया। अदालत के बाहर बैंक के कई खाताधारकों ने विरोध प्रदर्शन किया और मांग की कि उनका धन तुरंत लौटाया जाना चाहिए। दिल्ली में भी रिजर्व बैंक कार्यालय के बाहर जमाकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राकेश वाधवन, उनके पुत्र सारंग वाधवान और पीएमसी बैंक के पूर्व चेयरमैन वारयम सिंह को महानगर दंडाधिकारी एस जी शेख के समक्ष पेश किया गया। इन तीनों की हिरासत अवधि बुधवार को समाप्त हो रही थी। 

70 प्रतिशत कर्ज अकेले एचडीआईएल को ही दिया

बता दें कि पीएमसी बैंक के 9,000 करोड़ रुपए के कुल कर्ज में कथित तौर पर 70 प्रतिशत कर्ज अकेले एचडीआईएल को ही दिया गया था। यह कर्ज एनपीए बन गया था लेकिन आरोप है कि बैंक प्रबंधन ने इसे आरबीआई की जांच पड़ताल से छुपाकर रखा। उच्चतम न्यायालय ने पीएमसी बैंक से संबंधित याचिका को तुरंत सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति एन.वी. रमन्ना, आर सुभाष रेड्डी और बी.आर. गवई की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है। 

बिजोन कुमार मिश्रा ने दायर की याचिका 

पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा याचिका पर तुरंत सुनवाई का आग्रह किये जाने के बाद रजिस्ट्री को मामले को उचित पीठ के समक्ष शुक्रवार 18 अक्टूबर 2019 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया। दिल्ली स्थित बिजोन कुमार मिश्रा ने यह याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक को यह निर्देश दिया जाना चाहिये कि राष्ट्रीयकृत बैंकों सहित विभिन्न सहकारी बैंकों में रखी खाताधारकों की खून पसीने की कमाई की पूरी तरह से सुरक्षा और बीमा होना चाहिये। इसके लिये बैंकों में जमा राशि की शत प्रतिशत सुरक्षा के लिये उचित उपाय और बीमा कवरेज सुनश्चित किया जाना चाहिये। याचिका में जमा राशि की निकासी की सीमा तय किये जाने संबंधी रिजर्व बैंक की अधिसूचना को भी निरस्त करने का आग्रह किया गया है। उधर, मुंबई में जे बी भोरिया ने रिजर्व बेंक के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात के बाद एक वक्तव्य जारी किया। जे बी भोरिया को रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक का प्रशासक नियुक्त किया है। इसमें कहा गया है कि बैंक सभी जमाकर्ताओं और दूसरे संबंधित पक्षों के हितों की सुरक्षा के लिये सभी प्रयास करेगा। इसमें यह भी कहा गया है कि बैंक अपनी बैलेंस सीट को नये सिरे से तैयार करने में लगा है ताकि उसकी सही और उचित तस्वीर सबके समक्ष रखी जा सके। 

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