नयी दिल्ली। अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता रिसोर्सेज पीएलसी लंदन स्टॉक एक्सचेंज से अपने शेयर हटाएगी। कंपनी के प्रवर्तक समूह ने कंपनी में करीब 33 प्रतिशत सार्वजनिक हिस्सेदारी नकद में खरीदने की पेशकश की है। लंदन स्टॉक एक्सचेंज को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि अग्रवाल परिवार की निवेश इकाई वॉल्कन ने यह हिस्सेदारी 825 पेंस प्रति शेयर की दर से खरीदने की पेशकश की है। यह 29 जून को कंपनी के शेयर के बंद भाव 647 प्रति पेंस से 27.6 प्रतिशत अधिक है।
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पेशकश मूल्य के अलावा शेयरधारकों को 31 मार्च , 2018 को समाप्त 12 माह की अवधि के लिए पूर्व में घोषित 0.41 प्रति शेयर का लाभांश भी मिलेगा। इस तरह का पेशकश का कुल मूल्य 856 पेंस प्रति शेयर बैठेगा। इस कदम का मकसद वेदांता और उसकी अनुषंगियों के कॉरपोरेट ढांचे का सरलीकरण करना है।
अग्रवाल ने कहा कि वेदांता वर्ष 2003 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी थी। उन्होंने कहा कि लंदन में सूचीबद्धता से हमें काफी लाभ हुआ। लेकिन हमारे कारोबार में विस्तार तथा भारतीय पूंजी बाजार के परिपक्व होने के साथ हमें लगता है कि वेदांता समूह के रणनीतिक उद्देश्यों को पाने के लिए लंदन की सूचीबद्धता जरूरी नहीं है।