केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि सरकार ‘जन सेवा केंद्र’(Common Service Center) चलाने वाले 5.5 लाख से ज्यादा ग्रामीण उद्यमियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की फ्री ट्रेनिंग देगी। अश्विनी वैष्णव ने कॉमन सर्विस सेंटर ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (CSC SPV) की 10वीं वर्षगांठ के मौके पर कहा कि सीएससी संचालकों को सरकार के भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन के तहत ट्रेनिंग दी जाएगी। इस मिशन के तहत देशभर में कुल 10 लाख लोगों को एआई के क्षेत्र में प्रशिक्षण देने का प्रावधान है।
अश्विनी वैष्णव ने ग्राम स्तरीय उद्यमियों से किया IRCTC सेवाएं शुरू करने का आग्रह
अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘‘आप सभी को फ्री में एआई ट्रेनिंग दी जाएगी। हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन के तहत लगभग 10 लाख लोगों को कुशल बनाने का लक्ष्य रखा है। सभी 5.5 लाख ग्रामीण स्तरीय उद्यमियों को ट्रेनिंग में प्राथमिकता दी जाएगी।’’ इसके साथ ही उन्होंने सभी वीएलई यानी ग्राम स्तरीय उद्यमियों से IRCTC की सेवाएं भी शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य आईटी एजेंसियों को सीएससी-एसपीवी के साथ एकीकृत करने के लिए मुख्यमंत्रियों से बात करने के लिए बातचीत करेगी।
अपने केंद्र में आधार से जुड़े काम का आवंटन चाहते हैं सीएससी ग्रामीण उद्यमी
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने इस मौके पर सीएससी ग्रामीण उद्यमियों की राज्य-आधारित सरकारी सेवा केंद्रों को जन सेवा केंद्रों के साथ विलय करने की मांग को सामने रखा। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें ज्यादा आय सृजन के मौके मिलेंगे। जितिन प्रसाद ने ये भी कहा कि सीएससी ग्रामीण उद्यमी अपने केंद्र में आधार से जुड़े काम का आवंटन चाहते हैं। वैष्णव ने सीएससी एसपीवी को राज्य-आधारित सेवा केंद्रों के विलय पर विवरण तैयार करने को कहा और ग्रामीण उद्यमियों को आश्वासन दिया कि वे राज्य सरकारों के साथ उनके विलय की संभावना पर चर्चा करेंगे।



































