अमेरिका और इजरायल के हमलों को सामना कर रहे ईरान की आर्थिक मदद के लिए कश्मीर में जगह-जगह सार्वजनिक दान अभियान चलाए जा रहे हैं। ईरान की मदद के लिए चलाए जा रहे इस अभियान में कश्मीर के बूढ़े-बुजुर्गों से लेकर छोटे-छोटे बच्चों तक अपनी जमा-पूंजी दान कर रहे हैं। इसी बीच, मंलवार को आयोजित एक नीलामी में चलन से बाहर हो चुके 50 पैसे के एक सिक्के की बोली 17,000 रुपये तक पहुंच गई। कश्मीर में रविवार को शुरू किया गया दान अभियान तीसरे दिन भी जारी रहा और इस दौरान डल झील के मीर बेहरी इलाके में एक भावुक दृश्य देखने को मिला।
गुल्लक दान करने के लिए लाया था 5 साल का बच्चा
ईरान की मदद के लिए आए एक 5 साल के लड़के ने मीर बेहरी के लाटी मोहल्ले में राहत कार्यों के लिए अपनी गुल्लक दान कर दी। लड़के ने मिट्टी के गुल्लक में 50 पैसे का सिक्का भी जमा किया था। मीर बेहरी में रहने वाले नासिर अहमद ने कहा, "हालांकि, अब बाजार में 50 पैसे का सिक्का स्वीकार नहीं किया जाता, फिर भी आयोजकों ने बच्चे की भावनाओं को समझते हुए 50 पैसे के सिक्के को नीलामी के लिए रख दिया। इसके बाद ईरान के लिए लोगों की भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा।"
जावेद अहमद सूफी ने 5 पैसे के सिक्के के लिए लगाई 17,000 रुपये की बोली
50 पैसे के सिक्के के लिए 5 रुपये से बोली शुरू हुई और ये लगातार तेजी से बढ़ती चली गई। अंत में ये एक अन्य स्थानीय निवासी जावेद अहमद सूफी द्वारा लगाई गई 17,000 रुपये की अंतिम बोली के लिए तय हुई। जावेद अहमद सूफी ने कहा कि 50 पैसे का ये सिक्का अपनी प्रिय चीजों को त्यागने की उदारता को दर्शाता है, फिर चाहे वे कितनी ही छोटी क्यों न हों। बताते चलें कि अमेरिका और इजरायल के हमलों की वजह से ईरान को जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि संघर्ष में मरने वाले उसके नागरिकों की संख्या बढ़कर 1,500 से ज्यादा हो गई है