सरकार ने छठे चरण में पेश किए गए 11 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी रद्द कर दी है। निवेशकों की कमजोर दिलचस्पी और योग्य बोलीदाताओं की कमी इस फैसले की प्रमुख वजह रही। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकार वैश्विक सप्लाई चेन में आ रही चुनौतियों के बीच देश में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और उत्पादन को तेज करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में इस कदम को सरकार के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
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5 खनिज ब्लॉकों की नीलामी में एक भी बोली नहीं
खनन मंत्रालय के रद्दीकरण नोटिस के मुताबिक, 5 खनिज ब्लॉकों की नीलामी इसलिए निरस्त की गई क्योंकि उनमें एक भी बोली नहीं आई। वहीं, अन्य 5 ब्लॉकों में तीन से कम तकनीकी रूप से योग्य बोलीदाता होने के कारण प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल स्थित बेकू रेयर मेटल ब्लॉक की नीलामी भी रद्द कर दी गई है। गौरतलब है कि खनन मंत्रालय ने सितंबर 2025 में 13 राज्यों में फैले 23 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों के लिए छठे चरण की नीलामी शुरू की थी। इनमें 19 कंपोजिट लाइसेंस (CL) और 4 माइनिंग लीज (ML) ब्लॉक शामिल थे।
इन राज्यों में हैं ये ब्लॉक
ये ब्लॉक आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में स्थित हैं। इन खनिज ब्लॉकों में लिथियम, कोबाल्ट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, नियोबियम, टैंटलम और वैनेडियम जैसे रणनीतिक खनिज शामिल हैं, जो नई ऊर्जा और उन्नत तकनीकों के लिए बेहद अहम माने जाते हैं। अब तक छह चरणों की नीलामी पूरी हो चुकी है, जिनमें 46 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की सफल बिक्री की जा चुकी है।
इन खनिजों की तेजी से बढ़ रही मांग
दरअसल, स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक तकनीकों की ओर बढ़ते वैश्विक रुझान के चलते लिथियम, ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, टंगस्टन, वैनेडियम और टाइटेनियम जैसे खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन इनकी सीमित उपलब्धता और कुछ क्षेत्रों में केंद्रित भंडार वैश्विक सप्लाई चेन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी सरकार को निवेशकों की सीमित रुचि के चलते कई महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी रद्द करनी पड़ी है।