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पंजाब में अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत, प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए NOC जरूरी नहीं, नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Mar 04, 2025 04:36 pm IST,  Updated : Mar 04, 2025 04:36 pm IST

बिल के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति या प्रमोटर या इस अधिनियम के तहत पंजीकृत उसका एजेंट कानून के प्रासंगिक प्रावधान का पालन करने में विफल रहता है, तो उसे कम से कम पांच साल की कैद की सजा दी जा सकती है।

Punjab Government - India TV Hindi
पंजाब सरकार Image Source : FILE

पंजाब में अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बड़ी रहात दी गई है। पंजाब सरकार ने अवैध कॉलोनियों में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए एनओसी (यानी एनडीसी- नो ड्यूज सर्टिफिकेट) की अनिवार्यता पूरी तरह से खत्म कर दी है। यह राहत पंजाब सरकार की ओर से पास किए गए पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन (अमेंडमेंट) बिल के कारण संभव हो पाया है। इस बिल का उद्देश्य अवैध कॉलोनियों में संपत्तियों के पंजीकरण के लिए एनओसी की प्रथा को खत्म करना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इस बिल से आम लोगों के लिए बड़ी राहत होगी। ​बिल के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जिसने 31 जुलाई, 2024 तक किसी अनधिकृत कॉलोनी में 500 वर्ग गज तक के क्षेत्र के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी, स्टांप पेपर पर बिक्री के लिए समझौता या ऐसा कोई अन्य दस्तावेज किया है, उसे लैंड की रजिस्ट्री के लिए किसी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की आवश्यकता नहीं होगी।

नगर निगम से लेनी होती थी NOC

इस बिल के आने से पहले शहर वासियों को प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने के लिए नगर निगम से एनओसी लेनी होती थी। बिना एनओसी के प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री संभव नहीं थी लेकिन अब इससे आजादी मिल गई है। नगर निगम से जारी प्लॉट, मकान या संपत्ति संबंधी किसी भी रजिस्ट्री के लिए अब नगर निगम से एनओसी लेने की जरूरत नहीं होगी।  प्लाॅट का खसरा नंबर और नाम का मिलान कर तहसील में रजिस्ट्री कर दी जाएगी। एनओसी लेने के लिए शहर वासियों को निगम के चक्कर कटवाए जाते रहे हैं। इस तरह से परेशान किया जाता था कि थक-हारकर लोग दलाल के पास जाते थे। बिचौलिए भी जब NOC नहीं बना पाते तो फर्जी संपत्ति कर बकाया भुगतान और नॉन-पेयेबल सर्टिफिकेट (NDC) बनाकर प्लॉट मालिक को थमा देते थे। अब लोगों को ये सब करने की जरूरत नहीं होगी। उनकी प्रॉपर्टी का मालिकाना हक और रजिस्ट्री आसानी से होगी। 

कहां होगी रजिस्ट्री?

संपत्ति मालिक रजिस्ट्रार या सब-रजिस्ट्रार या संयुक्त सब-रजिस्ट्रार के समक्ष ऐसे क्षेत्र का पंजीकरण करवाने के हकदार होंगे और ऐसे क्षेत्र को पंजीकृत करवाने की यह छूट राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित तिथि तक उपलब्ध रहेगी। इस संशोधन का उद्देश्य छोटे प्लॉट धारकों को राहत देने के अलावा अवैध कॉलोनियों पर कड़ा नियंत्रण सुनिश्चित करना है। 

5 साल की कैद का भी प्रावधान

बिल के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति या प्रमोटर या इस अधिनियम के तहत पंजीकृत उसका एजेंट कानून के प्रासंगिक प्रावधान का पालन करने में विफल रहता है, तो उसे कम से कम पांच साल की कैद की सजा दी जाएगी जो 10 साल तक बढ़ सकती है और न्यूनतम 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है जो 5 करोड़ रुपये तक हो सकता है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, अवैध कॉलोनाइजर लोगों को सब्जबाग दिखाकर ठगते हैं और अपनी अस्वीकृत कॉलोनियों को बेचते हैं, जिनमें स्ट्रीट लाइट, सीवरेज और अन्य जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं नहीं होती हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों को आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने स्टाम्प पेपरों पर कलर कोडिंग की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि भूमि का अधिकतम उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाए, जिसके लिए निवेशक आवश्यक अनुमतियां मांगते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह कानून राज्य में अवैध कॉलोनियों की स्थापना को रोकेगा।

Disclaimer:  यह एक पेड फीचर आर्टिकल है। इंडिया टीवी इसमें बताए गए विचारों का समर्थन नहीं करता है और आर्टिकल में कही गई राय, विचारों, घोषणाओं के लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं होगा। पाठकों को स्व-विवेक के प्रयोग की सलाह दी जाती है।

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