1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. विजय माल्या को बड़ा झटका, लंबी लड़ाई में भारतीय बैंकों ने जीता केस, जब्त होगी ब्रिटेन स्थित संपत्ति

विजय माल्या को बड़ा झटका, लंबी लड़ाई में भारतीय बैंकों ने जीता केस, जब्त होगी ब्रिटेन स्थित संपत्ति

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Apr 09, 2025 07:59 pm IST,  Updated : Apr 09, 2025 09:31 pm IST

विजय माल्या को भारत में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के लिए भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। भारतीय बैंकों ने ब्रिटेन के कोर्ट में माल्या को दिवालिया घोषित करने के लिए याचिका दायर की थी, जिससे वे उनकी ब्रिटेन स्थिति संपत्तियों से अपने कर्ज की वसूली कर सकें।

विजय माल्या- India TV Hindi
विजय माल्या Image Source : FILE

बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस वाले भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को बड़ा झटका लगा है। SBI के नेतृत्व वाले भारतीय बैंको के एक कंसोर्टियम ने माल्या के खिलाफ ब्रिटेन में दिवालियापन के आदेश को बरकरार रखने के लिए अदालती अपील का केस जीत लिया है। इस तरह लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई में भारतीय बैंकों को बड़ी जीत मिली है। भारतीय बैंक किंगफिशर एयरलाइंस पर बकाया लोन की अदायगी की मांग कर रहे हैं। भारतीय बैंकों ने ब्रिटेन के कोर्ट में माल्या को दिवालिया घोषित करने के लिए याचिका दायर की थी, जिससे वे उनकी ब्रिटेन स्थिति संपत्तियों से अपने कर्ज की वसूली कर सकें। अब ब्रिटेन के कोर्ट ने भारतीय बैंकों के पक्ष में फैसला सुनाया है। 

लंदन के कोर्ट ने सुनाया भारतीय बैंकों के पक्ष में फैसला

लंदन उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एंथनी मान ने भारतीय बैंकों के पक्ष में फैसला सुनाया है। जबकि विजय माल्या की तरफ से दायर अपील की अनुमति मांगने वाले दो आवेदनों को खारिज कर दिया है। माल्या को भारत में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के लिए भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। न्यायमूर्ति मान ने कहा, “बैंकों की दलील ऐसी थी, जिसे उन्हें स्वीकार करना ही था। इस संबंध में मुख्य बात यह है कि दिवाला कार्यवाही का आदेश कायम है।”

बैंकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला

भारतीय बैंकों का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी फर्म टीएलटी एलएलपी ने कहा कि इस फैसले से यह पुष्टि होती है कि बैंकों के पास माल्या की संपत्तियों पर कोई सुरक्षा नहीं है और दिवाला अर्जी सही थी। अदालत ने भी यह पाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जब्त की गई संपत्तियों से प्राप्तियां सशर्त थीं और अंग्रेजी कानून के तहत कर्ज से मुक्ति नहीं देती थीं। टीएलटी एलएलपी के कानूनी निदेशक निक कर्लिंग ने कहा, “यह बैंकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला है। टीएलटी को यह परिणाम मिलने पर प्रसन्नता है, क्योंकि माल्या के खिलाफ प्राप्त 1.12 अरब पाउंड के डीआरटी (ऋण वसूली न्यायाधिकरण) के फैसले के संबंध में 2017 से ही बैंकों के लिए काम किया जा रहा है।”

(PTI)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा