वित्त मंत्रालय और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अधिकांश टीम सितंबर 2025 में आधुनिक कार्तव्य भवन (केंद्रीय सचिवालय कार्यालय) में शिफ्ट हो चुकी है, लेकिन बजट 2026-27 के अत्यंत गोपनीय दस्तावेजों की प्रिंटिंग अभी भी नॉर्थ ब्लॉक की समर्पित सरकारी प्रेस में ही जारी रहेगी। इसकी वजह बिल्कल सरल है- नए कार्यालय में अभी तक ऐसी कोई सुरक्षित, गोपनीय प्रिंटिंग सुविधा उपलब्ध नहीं है जो सार्वजनिक नजरों से पूरी तरह दूर रखी जा सके। इसलिए, बजट और इससे जुड़े सैकड़ों पन्नों के दस्तावेजों की छपाई का पुराना परंपरागत स्थान ही बरकरार रहेगा।
बजट प्रिंटिंग की ऐतिहासिक यात्रा
शुरू में ये दस्तावेज राष्ट्रपति भवन में छपते थे। 1950 में लीकेज की घटना के बाद इन्हें मिंटो रोड स्थित प्रेस में शिफ्ट किया गया। फिर 1980 से यह जिम्मेदारी नॉर्थ ब्लॉक की बेसमेंट प्रेस को सौंपी गई है, जहां आज भी सख्त गोपनीयता के साथ काम होता है। बजट दस्तावेजों की छपाई एक जटिल और लंबी प्रक्रिया है। इसमें शामिल स्टाफ को नॉर्थ ब्लॉक की बेसमेंट में दो सप्ताह तक क्वारंटीन (पूर्ण अलगाव) में रहना पड़ता है। मोबाइल फोन, इंटरनेट और बाहरी संपर्क पूरी तरह प्रतिबंधित होते हैं। प्रमुख अधिकारियों की पहुंच गोपनीयता प्रोटोकॉल के तहत सीमित है। यह सुनिश्चित करता है कि बजट की कोई भी जानकारी बजट पेश होने से पहले लीक न हो।
‘हलवा’ समारोह: परंपरा की शुरुआत
बजट प्रिंटिंग की इस अंतिम और सबसे गोपनीय चरण की शुरुआत पारंपरिक ‘हलवा’ समारोह से होती है। यह समारोह अगले सप्ताह (जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में) होने की संभावना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस समारोह में शामिल होंगी। हलवा का वितरण प्रिंटिंग टीम के क्वारंटीन की शुरुआत का प्रतीक है। इसके बाद स्टाफ पूर्ण लॉकडाउन में चला जाता है, बजट पेश होने (1 फरवरी 2026) तक कोई बाहरी संपर्क नहीं।
निर्मला सीतारमण का नौवां बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में देश का आम बजट 2026-27 पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4% की मजबूत वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है, जबकि मुद्रास्फीति नियंत्रित स्तर पर बनी हुई है।
कागज रहित बजट की नई शुरुआत
हालांकि प्रिंटिंग पुरानी जगह पर हो रही है, लेकिन बजट अब काफी हद तक डिजिटल हो चुका है। साल 2021 में पहली बार बजट पूरी तरह पेपरलेस हुआ था। वित्त मंत्री ने टैबलेट से बजट पढ़ा और सांसदों को इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज वितरित किए गए। तब Union Budget Mobile App लॉन्च किया गया, जिसमें 14 प्रमुख बजट दस्तावेज (वार्षिक वित्तीय विवरण, मांग पत्र, वित्त विधेयक आदि) उपलब्ध हैं। आम जनता और सांसद आसानी से डिजिटल फॉर्मेट में बजट की जानकारी हासिल कर सकती हैं।
यह बदलाव गोपनीयता की पुरानी परंपराओं और डिजिटल युग की पारदर्शिता के बीच संतुलन को दर्शाता है। 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला बजट न केवल आर्थिक नीतियों का खाका होगा, बल्कि भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।






































