पब्लिक सेक्टर के इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने बुधवार को अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए। सरकारी बैंक ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उनका नेट प्रॉफिट 56.2 प्रतिशत बढ़कर 1365 करोड़ रुपये हो गया। बैंक के प्रॉफिट में ये बड़ा उछाल फंसे हुए कर्जों में कमी और मुख्य बिजनेस में सुधार की वजह से आया है। चेन्नई स्थित इस सरकारी बैंक ने एक साल पहले इसी तिमाही में 874 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था। आईओबी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान उसकी कुल आय पिछले साल की तीसरी तिमाही के 8409 करोड़ रुपये से बढ़कर 9672 करोड़ रुपये हो गई।
दिसंबर तिमाही में बैंक ने कमाया 3299 करोड़ रुपये का ब्याज आय
इंडियन ओवरसीज बैंक का परिचालन लाभ भी पिछले वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही के 2266 करोड़ रुपये से बढ़कर 2603 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा, बैंक की ब्याज आय भी 7112 करोड़ रुपये से बढ़कर 8172 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय 18 प्रतिशत बढ़कर 3299 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 2789 करोड़ रुपये थी। संपत्ति की गुणवत्ता के मोर्चे पर बैंक की सकल गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) दिसंबर 2025 के अंत तक घटकर कुल ऋण का 1.54 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले 2.55 प्रतिशत थी। इसी तरह शुद्ध एनपीए या फंसा हुआ कर्ज कम होकर 0.24 प्रतिशत पर आ गया।
बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए सरकारी बैंक के शेयर
बुधवार को इंडियन ओवरसीज बैंक के शेयरों में ठीक-ठाक तेजी देखने को मिली। आज बीएसई पर इस सरकारी बैंक के शेयर 0.65 रुपये (1.83%) की तेजी के साथ 36.10 रुपये पर बंद हुए। हालांकि, बैंक के शेयरों का मौजूदा भाव इसके 52 वीक हाई से काफी कम और 52 वीक लो के करीब है। इंडियन ओवरसीज बैंक के शेयरों का 52 वीक हाई 54.45 रुपये और 52 वीक लो 33.01 रुपये है। बीएसई के डेटा के मुताबिक, इंडियन ओवरसीज बैंक के शेयरों में पिछले 2 सालों से लगातार गिरावट देखी जा रही है। हालांकि, इस बार बेहतरीन रिजल्ट्स की वजह से आने वाले कुछ दिनों में इसमें तेज एक्शन देखने को मिल सकता है।



































