अमेरिका ने एक बहुत बड़ा और अहम फैसला लेते हुए 75 देश के नागरिकों के लिए सभी तरह के वीजा प्रोसेसिंग को बंद करने की घोषणा की है। ये फैसला "आवेदकों की कड़ी जांच" के हिस्से के तौर पर लिया गया है और ये 21 जनवरी से लागू होगा और अगले आदेशों तक प्रभावी रहेगा। स्टेट डिपार्टमेंट के एक मेमोरेंडम के आधार पर, अधिकारियों को मौजूदा कानून के अनुसार वीजा देने से मना करना होगा और साथ ही आवेदकों की स्क्रीनिंग और मूल्यांकन के तरीकों की समीक्षा और फिर से जांच करनी होगी। अमेरिका ने जिन 75 देश के नागरिकों के लिए वीजा प्रोसेसिंग पर रोक लगाने की घोषणा की है, उनमें रूस, ब्राजील जैसे प्रमुख देशों के नाम भी शामिल हैं।
75 देशों की लिस्ट में ये नाम भी शामिल
फॉक्स न्यूज के मुताबिक, 75 देशों की लिस्ट में रूस और ब्राजील के अलावा, थाईलैंड, सोमालिया, ईरान, अफगानिस्तान, नाइजीरिया, इराक, मिस्त्र, यमन के नाम भी शामिल है, जिनके नागरिकों को अमेरिका का वीजा नहीं दिया जाएगा। अमेरिका के इस फैसले का उद्देश्य ऐसे लोगों को देश में एंट्री देने से रोकना है, जिनकी अपने दम पर कम और सरकारी मदद पर निर्भर रहने की संभावनाएं ज्यादा हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए ये नए प्रतिबंध तब तक जारी रह सकते हैं, जब तक नई सुरक्षा व्यवस्था का काम पूरा नहीं हो जाता।
मिनेसोटा में सामने आए एक बड़े फ्रॉड के बाद सख्त हुआ प्रशासन
बताते चलें कि मिनेसोटा में हुए एक बड़े फ्रॉड के बाद से सोमालिया के नागरिकों पर अमेरिका की पैनी नजर है। दरअसल, मिनेसोटा में टैक्सपेयर्स के पैसों से चलने वाले कई कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर फ्रॉड पकड़ा गया और इस फ्रॉड शामिल कई लोग सोमालिया के नागरिक थे या सोमाली-अमेरिकन थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादा उम्र और ज्यादा वजन वाले आवेदकों को अमेरिकी वीजा देने से साफ मना किया जा सकता है। इसके साथ ही उन लोगों को भी अमेरिकी वीजा मिलने में काफी मुश्किल हो सकती है, जिन्होंने पहले कभी सरकारी कैश सहायता ली हो।



































