सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर ब्याज दरों में संशोधन किया है। इस बदलाव के तहत अब चुनिंदा शॉर्ट और मिड-टर्म अवधियों पर सबसे बेहतर रिटर्न दिया जा रहा है। संशोधित ब्याज दरें प्रभावी हो गई हैं। कॉलएबल फिक्स्ड डिपॉजिट्स के तहत बैंक वरिष्ठ नागरिकों को अधिकतम 7 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है, जो मौजूदा नरम ब्याज दर माहौल के बावजूद उपलब्ध सबसे ऊंची दरों में से एक है। हाल के महीनों में भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति में ढील के बाद ब्याज दरों पर दबाव देखा गया है।
केनरा बैंक FD दरें
संशोधित ढांचे के तहत विशेष अवधि वाली FD, खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए, लंबी अवधि की जमा से अधिक आकर्षक रिटर्न दे रही हैं। financialexpress की खबर के मुताबिक, 555 दिन की फिक्स्ड डिपॉजिट पर सामान्य ग्राहक को जहां 6.50% ब्याज ऑफर किया जा रहा है, वहीं, वरिष्ठ नागरिक को 7.00% (सबसे ऊंची कॉलएबल दर) ब्याज दर ऑफर किया जा रहा है। इसी तरह, 444 दिन की फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए सामान्य ग्राहक को 6.45% ब्याज मिल रहा है तो वहीं वरिष्ठ नागरिक को 6.95% ब्याज ऑफर किया जा रहा है।
हालांकि, एक साल से अधिक की अधिकांश अन्य कॉलएबल अवधियों पर केनरा बैंक की FD ब्याज दरें सामान्य ग्राहकों के लिए 6.25 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.75 प्रतिशत पर सीमित बनी हुई हैं। यानी अब लंबी अवधि के लिए पैसा लॉक करने पर अतिरिक्त ब्याज का लाभ नहीं मिल रहा है।
RBI की दर कटौती का FD रिटर्न पर असर
एफडी दरों में यह नरमी भारतीय रिज़र्व बैंक की लगातार मौद्रिक ढील की नीति के बीच देखने को मिल रही है। पिछले साल से अब तक RBI रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती कर चुका है। हाल ही में की गई 25 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद रेपो रेट घटकर 5.25 प्रतिशत पर आ गया है। नीतिगत दरों में कटौती से बैंकों की फंडिंग लागत कम होती है, जिससे बैंक धीरे-धीरे डिपॉजिट दरों में कटौती करते हैं, खासकर लंबी अवधि की FD पर। इसका नतीजा यह हुआ है कि पिछले एक साल में बैंकों की FD पर मिलने वाला रिटर्न लगातार घटा है, जिसमें सबसे ज़्यादा असर मल्टी-ईयर डिपॉजिट्स पर पड़ा है।






































