गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 3.70 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें 148 करोड़ रुपये की टैक्स राहत दी गई है। राज्य विधानसभा में पेश किए गए बजट में कोई नया कर प्रस्तावित नहीं है। देसाई ने सदन को बताया कि 2025-26 के लिए 3,70,250 करोड़ रुपये का बजट परिव्यय पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 37,785 करोड़ रुपये या 11.3 प्रतिशत अधिक है। राज्य सरकार ने बंधक विलेखों पर स्टाम्प शुल्क में कमी और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर मोटर वाहन कर के रूप में 148 करोड़ रुपये की टैक्स राहत का प्रस्ताव रखा।
विकसित गुजरात 2047
देसाई ने अपने बजट भाषण में कई नई योजनाओं की घोषणा की और कहा कि बजट पांच स्तंभों - सामाजिक सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, हरित वृद्धि और आर्थिक गतिविधियों के विकास पर आधारित है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए ‘विकसित गुजरात 2047’ का मसौदा तैयार किया है। उन्होंने कहा, “इसके लिए, मैं अगले पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये के ‘विकसित गुजरात कोष’ का प्रस्ताव करता हूं। मैं बजट में इसके तहत 5,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव करता हूं।”
बनेंगे दो एक्सप्रेस-वे
गुजरात में दो एक्सप्रेस-वे विकसित किए जाएंगे। इनमें से पहला बनासकांठा को सौराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों से जोड़ने वाला ‘नमो शक्ति एक्सप्रेस-वे’ है। दूसरा एक्सप्रेस-वे अहमदाबाद से राजकोट तक ‘सोमनाथ-द्वारका एक्सप्रेस-वे’ है, जिसका विस्तार द्वारका, सोमनाथ और पोरबंदर सहित तीर्थस्थलों तक किया जाएगा। बजट में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जरूरी बदलाव लाने और नई तकनीकों को एकीकृत करने के लिए 'गुजरात सुधार आयोग' स्थापित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि सूरत आर्थिक क्षेत्र सहित छह ‘विकास केंद्र’ विकसित किए जाएंगे। इसके लिए अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट, तटीय सौराष्ट्र क्षेत्र और कच्छ के लिए क्षेत्रीय आर्थिक योजनाएं विकसित की जा रही हैं। देसाई ने कहा कि सेवा क्षेत्र की क्षमता का दोहन करने के लिए एक नया सेवा आयुक्तालय स्थापित किया जाएगा।
(पीटीआई/भाषा)