नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को बहुप्रतीक्षित एरोड्रोम लाइसेंस प्रदान कर दिया है। यह लाइसेंस एयरपोर्ट के लिए परिचालन शुरू करने की दिशा में एक अनिवार्य और महत्वपूर्ण कदम है, जो दर्शाता है कि हवाई अड्डे ने सभी कड़े सुरक्षा और नियामकीय मानकों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। DGCA की मंजूरी के साथ, नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे अब मुंबई महानगर क्षेत्र का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा, जिससे क्षेत्र में यात्री और कार्गो दोनों तरह की कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
संचालन की तैयारी पूरी
नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के ऑपरेटर नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने इस उपलब्धि की पुष्टि करते हुए मंगलवार को एक बयान में कहा कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को DGCA से एरोड्रोम लाइसेंस प्राप्त होना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह लाइसेंस सख्त सुरक्षा और नियामक आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद प्रदान किया गया है, और यह संचालन की शुरुआत के लिए आवश्यक है। यह परियोजना अडानी ग्रुप और महाराष्ट्र सरकार के नगर विकास प्राधिकरण CIDCO द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की जा रही है।
विशाल क्षमता और महत्वाकांक्षी लक्ष्य
NMIA परियोजना को पांच चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके लॉन्च फेज में एयरपोर्ट की क्षमता प्रति वर्ष 2 करोड़ (20 मिलियन) यात्रियों और 5 लाख मीट्रिक टन (0.5 MMT) कार्गो संभालने की होगी। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने कहा कि लाइसेंस मिलने के बाद, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड उस दृष्टि के और करीब पहुंच गया है, जिसमें वह नवी मुंबई को एक आधुनिक अंतर्राष्ट्रीय द्वार के रूप में स्थापित करने और वैश्विक नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहा है।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस नए एयरपोर्ट का उद्घाटन अक्टूबर की शुरुआत में किया जा सकता है। यह एयरपोर्ट मुंबई के मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने और मुंबई-पुणे-नासिक आर्थिक गलियारे में आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






































