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DLF, भूटानी इन्फ्रा के गोवा रियल्टी प्रोजेक्ट पर ग्रहण! स्थानीय लोगों के विरोध के बाद सरकार ने लिया यह फैसला

राणे ने कहा कि नियमों का उल्लंघन होने पर अनुमति वापस ली जाएगी। स्थानीय लोग दोनों परियोजनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनके लिए बड़े पैमाने पर पहाड़ियों को काटा जा रहा है।

Edited By: Alok Kumar @alocksone
Published : Sep 04, 2024 08:49 pm IST, Updated : Sep 04, 2024 08:49 pm IST
Goa Realty Project - India TV Paisa
Photo:FILE गोवा रियल्टी प्रोजेक्ट

DLF, भूटानी इन्फ्रा के गोवा में चल रहे रियल्टी प्रोजेक्ट पर ग्रहण लग सकता है। गोवा सरकार ने बुधवार को कहा कि स्थानीय लोगों के विरोध के मद्देनजर राज्य में रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ और भूटानी इन्फ्रा प्रोजेक्ट की परियोजनाओं को दी गई अनुमतियों की नए सिरे से जांच की जाएगी। नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा कि उनका विभाग उत्तर गोवा जिले के रीस मैगोस में एक विला परियोजना के लिए डीएलएफ को दी गई अनुमतियों और दक्षिण गोवा जिले के संकोले में भूटानी इन्फ्रा की परियोजना की जांच करेगा। 

नियमों का उल्लंघन तो प्रोजेक्ट कैंसिल किया जाएगा

राणे ने कहा कि नियमों का उल्लंघन होने पर अनुमति वापस ली जाएगी। स्थानीय लोग दोनों परियोजनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनके लिए बड़े पैमाने पर पहाड़ियों को काटा जा रहा है। आप विधायक वेंजी वीगास ने इस सप्ताह की शुरुआत में डीएलएफ की परियोजना स्थल का दौरा किया और आरोप लगाया कि दोनों कंपनियां बड़े पैमाने पर नगर एवं ग्राम नियोजन कानूनों का उल्लंघन कर रही हैं। राणे ने कहा कि उनके विभाग ने पिछले छह महीनों में पहाड़ काटने की कोई अनुमति नहीं दी है और चल रहे कार्य पूर्व में दी गई अनुमति के अनुरूप हैं।

पहाड़ काटने को लेकर सख्त कानून 

उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार पहाड़ काटने के खिलाफ कानून को मजबूत करने पर विचार कर रही है और वह जल्द ही इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि कथित पहाड़ काटने के बारे में सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और वीडियो हैं, लेकिन ‘‘हमें पहले यह सत्यापित करना होगा कि क्या ऐसी किसी गतिविधि के लिए अनुमति दी गई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर यह कानूनी रूप से अनुमत है, तो कोई इसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकता।’’ 

एटीएस ग्रुप ने 130 करोड़ का भुगतान किया

एटीएस इन्फ्रास्ट्रक्चर की समूह कंपनी एटीएस रियल्टी और ग्रीनबे इन्फ्रास्ट्रक्चर ने 100 एकड़ में फैली टाउनशिप परियोजना को पटरी पर लाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) को 130 करोड़ रुपये का आंशिक भुगतान किया है। कंपनी ने बुधवार को बयान में कहा कि यह राशि यमुना एक्सप्रेस-वे पर सेक्टर-22डी स्थित एक भूखंड के लिए दी गई है। यह जगह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के करीब है। इस रकम के साथ ही एटीएस रियल्टी ने बकाया रकम की न्यूनतम देय राशि की शर्त पूरी कर ली है।

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