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न तेल संकट की चिंता, न महंगाई की फिक्र! इथेनॉल इंडस्ट्री ने सरकार को दिया बड़ा ऑफर; देश का बचेगा अरबों रुपया

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Mar 22, 2026 12:43 pm IST,  Updated : Mar 22, 2026 12:43 pm IST

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। देश की इथेनॉल इंडस्ट्री ने सरकार को एक बड़ा प्रस्ताव दिया है, जिससे न सिर्फ तेल संकट का असर कम होगा बल्कि अरबों रुपये की बचत भी हो सकती है।

तेल संकट के बीच इथेनॉल...- India TV Hindi
तेल संकट के बीच इथेनॉल इंडस्ट्री का ऑफर Image Source : PTI

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में युद्ध के कारण सप्लाई रुकने और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। लेकिन इस संकट के बीच भारत की इथेनॉल इंडस्ट्री एक बड़ा ऑफर लेकर सामने आई है।

भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2025 में ही पेट्रोल में 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया था। अब इथेनॉल उत्पादकों के संगठन ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर कहा है कि इंडस्ट्री अब 20% से आगे बढ़ने के लिए तैयार है। AIDA का ये ऑफर न केवल देश को तेल संकट से बचा सकता है, बल्कि विदेशी मुद्रा के अरबों रुपये भी बचा सकता है।

एसोसिएशन की डिप्टी डायरेक्टर जनरल भारती बालाजी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। ऐसे में अगर सरकार पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20% से बढ़ाकर 30% कर देती है, तो कच्चे तेल के आयात पर हमारी निर्भरता उसी अनुपात में कम हो जाएगी। इससे देश पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम किया जा सकेगा।

फ्लेक्स-फ्यूल और इथेनॉल चूल्हे

इंडस्ट्री ने केवल गाड़ियों तक ही सीमित रहने का सुझाव नहीं दिया है, बल्कि कई और बड़ी मांगें भी रखी हैं। ब्राजील की तर्ज पर भारत में भी ऐसे वाहन लाए जाएं जो 100% इथेनॉल पर चल सकें। इतना ही नहीं, ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में खाना पकाने के लिए इथेनॉल आधारित चूल्हों को बढ़ावा दिया जाए। यह एलपीजी का एक सस्ता और प्रदूषण फ्री ऑप्शन साबित हो सकता है। वहीं, लागत कम करने के लिए डीजल में भी इथेनॉल मिलाने की संभावनाओं को तलाशने का सुझाव दिया गया है।

भारत की ताकत

भारत अब इथेनॉल उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ चुका है। वर्तमान में देश की कुल उत्पादन क्षमता लगभग 2000 करोड़ लीटर तक पहुंच गई है। देशभर में 380 से अधिक डिस्टिलरीज काम कर रही हैं और 33 नई यूनिट्स पर काम चल रहा है। इतनी बड़ी क्षमता का उपयोग करके भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भरता कम कर सकता है।

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