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रोज ₹8 करोड़ खर्च करें, तो भी इतने साल तक खत्म नहीं होगी एलन मस्क की दौलत

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Jan 31, 2024 08:38 am IST,  Updated : Jan 31, 2024 08:38 am IST

दुनिया के पांच सबसे अमीर लोग अगर हर दिन 1 मिलियन डॉलर यानी 8.3 करोड़ रुपये भी खर्च करें, तो भी उनकी दौलत को खत्म होने में औसतन 476 साल लग जाएंगे। दुनिया में असमानता तेजी से बढ़ रही है।

एलन मस्क नेटवर्थ- India TV Hindi
एलन मस्क नेटवर्थ Image Source : FILE

साल 2020 के बाद से दुनिया के 5 सबसे अमीर लोगों की दौलत में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इस दौरान उनकी नेटवर्थ दोगुनी हो गई है। ऑक्सफैम इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट में दुनिया में असमानता को आंकड़ों से बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इसी अवधि में दुनियाभर में करीब 5 अरब लोग और गरीब हो गए। ऑक्सफैम की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के टॉप-पांच सबसे अमीर लोग- एलन मस्क, बर्नार्ड अरनॉल्ट, जेफ बेजोस, लैरी एलिसन और मार्क जुकरबर्ग हैं। इन लोगों ने अपनी आय साल 2020 से प्रति घंटे 14 मिलियन डॉलर की दर से बढ़ाई। इन लोगों की कुल संपत्ति 869 अरब डॉलर है।

अकूत दौलत के मालिक हैं ये अरबपति

आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए रिपोर्ट में कहा गया कि ये पांच लोग अगर हर दिन 1 मिलियन डॉलर यानी 8.3 करोड़ रुपये भी खर्च करें, तो भी उनकी दौलत को खत्म होने में औसतन 476 साल लग जाएंगे। एलन मस्क अगर हर दिन 8.3 करोड़ रुपये खर्च करें, तो उनकी संपत्ति को खत्म होने में 673 साल लगेंगे। वहीं, अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस की दौलत को खत्म होने में 459 साल लगेंगे।

एक दशक में मिल जाएगा पहला ट्रिलियन डॉलर शख्स

ऑक्सफैम की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दुनिया को 10 वर्षों में अपना पहला ट्रिलियन डॉलर (1000 अरब डॉलर नेटवर्थ) वाला शख्स मिल जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया कि मौजूदा दर के हिसाब से गरीबी को खत्म करने में 230 साल लगेंगे।

 

बढ़ रही है आर्थिक असमानता

ऑक्सफैम की रिपोर्ट में कहा गया, “ग्लोबल कॉरपोरेट और मोनोपोली पावर के बढ़ने से आर्थिक आधार पर असमानता बढ़ रही है। दुनिया के दस सबसे बड़े कॉरपोरेट्स में से 7 या तो अरबपति सीईओ है या प्रमुख शेयरहोल्डर है। वर्कर्स से कम पैसे में अधिक सेवाएं लेकर, करों से बचकर, राज्य का निजीकरण करके और जलवायु पतन को बढ़ावा देकर कॉरपोरेट्स असमानता को बढ़ा रहे हैं। ये अपने धनी मालिकों को अधिक से अधिक धन पहुंचाने का काम कर रहे हैं।" इसमें आगे कहा गया, “अत्यधिक असमानता को समाप्त करने के लिए सरकारों को अरबपतियों और कॉरपोरेट्स की पावर को आम लोगों को वापस री-डिस्ट्रीब्यूट करना चाहिए।

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