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लखनऊ या नोएडा नहीं, यूपी के इस शहर की तकदीर बदलेंगे गौतम अडानी! बंद पड़ी जेपी की जमीन पर शुरू करेंगे अरबों का बिजनेस

 Written By: Shivendra Singh
 Published : May 21, 2026 02:13 pm IST,  Updated : May 21, 2026 02:13 pm IST

उत्तर प्रदेश का एक बड़ा शहर जल्द ही देश के लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग मैप पर नई पहचान बनाने जा रहा है। अडानी ग्रुप की बड़ी रणनीतिक डील के बाद अब कानपुर में अरबों रुपये का निवेश और एक आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब बनने की तैयारी है।

यूपी के शहर की किस्मत...- India TV Hindi
यूपी के शहर की किस्मत बदलेंगे अडानी! Image Source : ANI/CANVA

उत्तर प्रदेश में विकास की नई कहानी लिखी जाने वाली है, और इस बार केंद्र में लखनऊ या नोएडा नहीं बल्कि कानपुर आ गया है। देश के बड़े उद्योगपति गौतम अडानी की कंपनी अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड अब कानपुर में एक ऐसा मेगा प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है, जो पूरे उत्तर भारत के लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक नक्शे को बदल सकता है। यह बदलाव उस जमीन पर होने जा रहा है, जो लंबे समय से बंद पड़ी जयप्रकाश ग्रुप की यूनिट का हिस्सा रही है।

जेपी की 243 एकड़ जमीन पर अडानी की नजर

इस बड़े सौदे के तहत अडानी पोर्ट्स, संकट में फंसी कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड की प्रक्रिया के अंतर्गत उसकी सहायक कंपनी जेपी फर्टिलाइजर्स की 100% हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। यह डील करीब ₹1,500 करोड़ की नकद ट्रांजैक्शन में पूरी होगी। इस अधिग्रहण के बाद कानपुर स्थित 243 एकड़ की कीमती जमीन पर अडानी समूह का अप्रत्यक्ष नियंत्रण हो जाएगा, जिसे अब एक नए औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब में बदला जाएगा।

खाद नहीं, बनेगा लॉजिस्टिक्स का हब

सूत्रों के अनुसार, अडानी ग्रुप इस जमीन का उपयोग पारंपरिक फर्टिलाइजर उत्पादन के लिए नहीं करेगा। इसके बजाय यहां एक आधुनिक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) और वेयरहाउसिंग हब विकसित किया जाएगा। कानपुर, जो पहले से ही उत्तर भारत का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र माना जाता है, इस प्रोजेक्ट के बाद और भी मजबूत व्यापारिक केंद्र के रूप में उभरेगा। इससे सड़क, रेल और गोदाम आधारित सप्लाई चेन सिस्टम को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

उत्तर भारत के व्यापार का नया केंद्र बनेगा कानपुर

कानपुर की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए यह प्रोजेक्ट बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां से दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज और अन्य बड़े बाजारों तक माल की आवाजाही आसान हो जाएगी। यही वजह है कि अडानी समूह इसे अपने लॉन्ग टर्म लॉजिस्टिक्स विस्तार योजना का अहम हिस्सा बना रहा है। कंपनी का लक्ष्य 2031 तक देश में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्कों की संख्या बढ़ाकर 16 तक करना और वेयरहाउसिंग क्षमता को कई गुना बढ़ाना है।

वेदांता को पीछे छोड़ मिली बड़ी जीत

इस अधिग्रहण की रेस में कई बड़ी कंपनियां शामिल थीं, जिनमें उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता भी शामिल थी। हालांकि, लेनदारों ने अडानी के ₹14,535 करोड़ के रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी। यह प्रक्रिया नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) और अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) की मंजूरी के बाद आगे बढ़ी है, जिससे अब 90 दिनों के भीतर डील पूरी होने की संभावना है।

निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

इस प्रोजेक्ट से कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में हजारों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर में नए निवेश के रास्ते खुलेंगे।

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