1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. MSME कंपनियों के लिए गुड न्यूज, सरकार ने 100 करोड़ रुपये तक कर्ज की नई गारंटी स्कीम शुरू की

MSME कंपनियों के लिए गुड न्यूज, सरकार ने 100 करोड़ रुपये तक कर्ज की नई गारंटी स्कीम शुरू की

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Jan 30, 2025 07:27 am IST,  Updated : Jan 30, 2025 07:27 am IST

मंत्रालय ने कहा कि इस योजना में स्वीकृति वर्ष के दौरान ऋण पर वार्षिक गारंटी शुल्क शून्य होगा। यह शुल्क अगले तीन वर्षों के लिए पिछले वर्ष के बकाया ऋण का 1.5 प्रतिशत प्रति वर्ष होगा।

एमएसएमई सेक्टर- India TV Hindi
एमएसएमई सेक्टर Image Source : FILE

सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में की गई घोषणा के अनुरूप बुधवार को एमएसएमई सेक्टर के लिए 100 करोड़ रुपये तक का कर्ज समाहित करने वाली एक नई ऋण गारंटी योजना शुरू की है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए शुरू म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना (MCGY-MSME) का उद्देश्य उपकरणों की खरीद के लिए पात्र उद्यमों को स्वीकृत 100 करोड़ रुपये तक की ऋण-सुविधा देने के लिए 'सदस्य उधारी संस्थानों' (एमएलआई) को राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) से 60 प्रतिशत गारंटी कवरेज देना है।

इन शर्तों को करना होगा पूरा

इस योजना का लाभ उठाने के लिए एमएसएमई को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। उधारकर्ता को वैध उद्यम पंजीकरण संख्या वाला एमएसएमई होना चाहिए। गारंटीकृत ऋण राशि 100 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और उपकरणों की न्यूनतम लागत परियोजना लागत का 75 प्रतिशत होनी चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि इस योजना में स्वीकृति वर्ष के दौरान ऋण पर वार्षिक गारंटी शुल्क शून्य होगा। यह शुल्क अगले तीन वर्षों के लिए पिछले वर्ष के बकाया ऋण का 1.5 प्रतिशत प्रति वर्ष होगा। उसके बाद वार्षिक गारंटी शुल्क पिछले वर्ष के 31 मार्च को बकाया कुल ऋण का एक प्रतिशत सालाना होगा। यह योजना एमसीजीएस-एमएसएमई के तहत योजना के परिचालन दिशानिर्देश जारी होने की तारीख से चार साल की अवधि के दौरान या सात लाख करोड़ रुपये की संचयी गारंटी जारी होने तक, जो भी पहले हो, स्वीकृत सभी ऋणों पर लागू होगी।

इस बजट से भी एमएसएमई को हैं कई उम्मीदें

एक फरवरी को संसद में वित्त वर्ष 2025-26 का आम बजट पेश होने जा रहा है। इस बजट से भी एमएसएमई को कई उम्मीदें हैं। इस सेक्टर की मांग है कि उसे सस्ती वित्तीय सहायता मिले। एमएसएमई सेक्टर चाहता है कि उसे 10% से कम रेट पर लॉन्ग टर्म के लिए कर्ज मिले। यह सेक्टर टैक्स में भी रियायतें चाहता है और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने की मांग कर रहा है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा