भारतीय रेल तय समय में माल पहुंचाने की गारंटी के साथ कंटेनर ट्रेन का परिचालन शुरू करने जा रहा है। दिल्ली-कोलकाता के बीच पहली पायलट कंटेनर ट्रेन 1 अक्टूबर को रवाना होगी। रेल अधिकारियों ने मंगलवार को इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ये ट्रेन दिल्ली के तुगलकाबाद से चलेगी और आगरा एवं कानपुर के रास्ते से होकर कोलकाता पहुंचेगी। भारतीय रेल ने इस ट्रेन के 120 घंटे में गंतव्य तक पहुंचने की गारंटी दी है। रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, "ये सर्विस कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (कॉनकॉर) द्वारा चलाई जाएगी। अपने सफर में ये ट्रेन 4 इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) को जोड़ेगी। इनमें तुगलकाबाद, आगरा, कानपुर और कोलकाता के डिपो शामिल हैं।"
हफ्ते में दो दिन आगरा, कानपुर के रास्ते चलाई जाएगी ट्रेन
रेलवे बोर्ड ने एक बयान में कहा कि ये ट्रेन हफ्ते में दो दिन बुधवार और शनिवार को चलेगी। रेलवे बोर्ड के अनुसार, इस ट्रेन के चलने से आगरा और कानपुर में बनाए गए लॉजिस्टिक केंद्र से आसपास के क्षेत्रों का माल इकट्ठा कर ट्रेन में भेजना आसान और तेज हो जाएगा। इसके अलावा तुगलकाबाद से कानपुर के बीच खाली वैगनों के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा, जिससे माल भेजने की लागत कम होगी और ग्राहकों को फायदा होगा।
संवेदनशील माल की भरोसेमंद डिलीवरी सुनिश्चित करेगा पायलट प्रोजेक्ट
रेल मंत्रालय ने कहा कि ये पायलट प्रोजेक्ट समय के लिहाज से संवेदनशील माल की भरोसेमंद डिलीवरी सुनिश्चित करेगी, सड़क परिवहन के लिए प्रतिस्पर्धी विकल्प, उत्तरी इलाकों के कार्गो के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और शुरुआती ग्राहकों के लिए प्राथमिकता जैसी सुविधाएं प्रदान करेगी। मंत्रालय के मुताबिक, ये पहल टिकाऊ विकास और हरित लॉजिस्टिक क्षमता को बढ़ावा देती है, क्योंकि ये माल वहन को सड़क से रेल पर ले जाने को प्रोत्साहित करती है, कार्बन उत्सर्जन कम करती है और भारत की पर्यावरण प्रतिबद्धता का समर्थन करती है।



































