कमजोर मानसून के कारण मौजूदा सत्र में अब तक धान जैसी खरीफ फसलों की बुवाई का रकबा 16 प्रतिशत घटकर 531.25 लाख हेक्टेयर रह गया है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 जुलाई तक कुल खरीफ फसलों की बुवाई 531.25 लाख हेक्टेयर में की गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ये आंकड़ा 632.69 लाख हेक्टेयर था। खरीफ (गर्मी) की फसलों की बुवाई आमतौर पर जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ होती है। हालांकि, इस साल अल-नीनो के असर से कमजोर मानसून के कारण बुवाई में देरी हुई है और भारत में होने वाली ज्यादातर खेती आज भी मानसूनी बारिश पर निर्भर रहती है। भारत में अल नीनो का सबसे ज्यादा प्रभाव 9 से 10 राज्यों में देखने को मिलता है। इनमें महाराष्ट्र का मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र, गुजरात के तटीय क्षेत्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरी कर्नाटक, उत्तर प्रदेश का पूर्वी हिस्सा और बुंदेलखंड शामिल है।
धान की बुवाई का रकबा 8.63 प्रतिशत घटा
धान की बुवाई का रकबा 8.63 प्रतिशत घटकर 114.69 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि एक साल पहले ये 125.53 लाख हेक्टेयर था। दलहनों की बुवाई का रकबा पहले के 73.85 लाख हेक्टेयर से 23.31 प्रतिशत घटकर 56.63 लाख हेक्टेयर रह गया। दलहनों में, अरहर की बुवाई का रकबा एक साल पहले के 28.03 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 19.54 लाख हेक्टेयर, उड़द का रकबा 9.34 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले साल 13.29 लाख हेक्टेयर था। इसकी तरह, मूंग की बुवाई का रकबा 24.08 लाख हेक्टेयर से घटकर 21.52 लाख हेक्टेयर रह गया।
मोटी अनाज की बुवाई में भी 22.47 प्रतिशत की बड़ी गिरावट
मोटे अनाज की बात करें तो इसका रकबा भी पिछले साल के 127.30 लाख हेक्टेयर की तुलना में 22.47 प्रतिशत घटकर 98.69 लाख हेक्टेयर रह गया। तिलहन की बुवाई का रकबा पिछले साल के 149.18 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 21 प्रतिशत घटकर 117.83 लाख हेक्टेयर रह गया। तिलहन में, सोयाबीन की बुवाई का रकबा एक साल पहले के 107.72 लाख हेक्टेयर से 16 प्रतिशत घटकर 90.51 लाख हेक्टेयर रह गया।
खरीफ फसलों की बुवाई का रकबा (लाख हेक्टेयर में)
| फसल का नाम | 2025 का रकबा (लाख हेक्टेयर) | 2026 का रकबा (लाख हेक्टेयर) | प्रतिशत बदलाव (गिरावट (-) / बढ़त (+)) |
| कुल खरीफ फसलें | 632.69 | 531.25 | -16.00% |
| धान (Rice) | 125.53 | 114.69 | -8.63% |
| कुल दलहन (Pulses) | 73.85 | 56.63 | -23.31% |
| अरहर | 28.03 | 19.54 | -30.28% |
| उड़द | 13.29 | 9.34 | -29.72% |
| मूंग | 24.08 | 21.52 | -10.63% |
| मोटे अनाज (Coarse Cereals) | 127.30 | 98.69 | -22.47% |
| कुल तिलहन (Oilseeds) | 149.18 | 117.83 | -21.00% |
| सोयाबीन | 107.72 | 90.51 | -16.00% |
| कपास (Cotton) | 93.95 | 79.54 | -15.33% |
| गन्ना (Sugarcane) | 56.72 | 57.58 | +1.51% |
| जूट / मेस्टा | 6.16 | 6.28 | +1.94% |
गन्ने और जून की बुवाई में बढ़ोतरी
गन्ने की खेती का रकबा 56.72 लाख हेक्टेयर के मुकाबले थोड़ा बढ़कर 57.58 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि जूट या मेस्टा का रकबा पहले के 6.16 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.28 लाख हेक्टेयर हो गया। नकदी फसलों में, कपास की बुवाई में गिरावट आई है। इस खरीफ सत्र में अब तक कपास का रकबा 15.33 प्रतिशत घटकर 79.54 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ये 93.95 लाख हेक्टेयर था।
ये भी पढ़ें
खरीफ फसल सत्र के लिए बीज की कोई कमी नहीं, समय पर सप्लाई पहुंचाना चिंता का विषय