17 फरवरी को प्रभावी हो चुके FASTag लेनदेन पर नए नियम को अमल में लाने की वजह से राजमार्ग टोल प्लाजा पर यूजर्स के एक्सपीरियंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बुधवार को यह बात कही। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह स्पष्टीकरण खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों के संचालन के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी NPCI द्वारा टोल प्लाजा पर निष्क्रिय FASTags के चलते लेट ट्रांजैक्शन के संबंध में एक नया विनियमन पेश किए जाने के बाद आया है।
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विवादों के समाधान की सुविधा के लिए सर्कुलर जारी
खबर के मुताबिक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक बयान में कहा कि NPCI सर्कुलर का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गाड़ी के टोल प्लाजा से गुजरने के उचित समय के भीतर FASTag लेनदेन का निपटान किया जाए ताकि ग्राहकों को देर से लेनदेन के कारण परेशान न होना पड़े। NPCI द्वारा सर्कुलर वाहन के टोल प्लाजा से गुजरने के दौरान FASTag की स्थिति पर अधिग्रहणकर्ता बैंक और जारीकर्ता बैंक के बीच विवादों के समाधान की सुविधा के लिए जारी किया गया है।
टैग को रिचार्ज करने की बात
एनएचएआई ने कहा कि सभी राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा ICD 2. 5 प्रोटोकॉल पर काम करते हैं, जो रियल टाइम में टैग का स्टेटस बताता है, इसलिए फास्टैग ग्राहक टोल बूथ पार करने से पहले किसी भी समय टैग को रिचार्ज कर सकते हैं। राज्य राजमार्गों पर कुछ टोल प्लाजा अभी भी ICD 2. 4 प्रोटोकॉल पर हैं, जिन्हें टैग की स्थिति के नियमित अपडेट की जरूरत होती है।
जल्द ही ऐसे सभी टोल प्लाजा को ICD 2. 5 प्रोटोकॉल में शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। ICD का मतलब इंटरफ़ेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट है। फास्टैग यूजर्स को मैन्युअल रिचार्ज की जरूरत को खत्म करने के लिए ऑटो-रिचार्ज सेटिंग के तहत अपने फास्टैग वॉलेट को UPI/चालू/बचत खातों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ग्राहक टोल पर पहुंचने से पहले किसी भी समय UPI और नेट बैंकिंग जैसे विभिन्न भुगतान चैनलों का उपयोग करके अपने फास्टैग को रिचार्ज करने में सक्षम हैं।