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1 दिसंबर से बदल जाएगा NPS से जुड़ा बड़ा नियम, PFRDA ने पेंशन स्कीम के नाम और डिस्प्ले को लेकर जारी किए नए निर्देश

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Nov 05, 2026 11:25 am IST,  Updated : Nov 05, 2026 11:25 am IST

1 दिसंबर 2026 से NPS की स्कीमों को नाम देने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दिखाने का तरीका बदल जाएगा। पेंशन फंड नियामक PFRDA ने इसे लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। इसका मकसद निवेशकों के लिए अलग-अलग पेंशन स्कीमों को समझना और उनकी तुलना करना आसान बनाना है।

NPS के नियम में होगा...- India TV Hindi
NPS के नियम में होगा बदलाव Image Source : CANVA

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वालों के लिए 1 दिसंबर 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब NPS की अलग-अलग पेंशन स्कीमों के नाम और उन्हें ऑनलाइन दिखाने का तरीका पहले से ज्यादा व्यवस्थित होगा। पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने इस संबंध में नए निर्देश जारी किए हैं। इसका मकसद निवेशकों के लिए अलग-अलग पेंशन फंड की स्कीमों को समझना और उनकी तुलना करना आसान बनाना है। खास बात यह है कि अब निवेशक की पसंद और जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर उसे स्कीमों के विकल्प दिखाए जाएंगे।

PFRDA ने 2 नवंबर 2026 को जारी सर्कुलर में इन बदलावों की जानकारी दी है। नए नियम 1 दिसंबर 2026 से लागू होंगे। ये निर्देश पहले 28 अगस्त 2026 को जारी सर्कुलर में आंशिक बदलाव करते हैं।

NPS स्कीमों के नाम रखने का नया नियम

PFRDA ने मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) के तहत आने वाली पेंशन स्कीमों के नाम के लिए एक समान व्यवस्था तय की है। अब सभी पेंशन फंड को स्कीम का नाम निर्धारित फॉर्मेट के अनुसार रखना होगा। इससे निवेशक अलग-अलग फंड की स्कीमों को आसानी से पहचान सकेंगे। नए नियम के मुताबिक, A से E तक के कैटेगरी कोड स्कीम के नाम का हिस्सा नहीं होंगे। अगर किसी पेंशन फंड की एक ही कैटेगरी में एक से ज्यादा स्कीमें हैं, तो उनके नाम अलग और स्पष्ट होने चाहिए।

स्कीम के साथ जोखिम की जानकारी भी मिलेगी

अब केवल स्कीम का नाम बताना पर्याप्त नहीं होगा। पेंशन फंड को विज्ञापन, मीडिया और दूसरी सार्वजनिक सामग्री में स्कीम के साथ उसकी कैटेगरी या ग्रोथ कैटेगरी की जानकारी भी देनी होगी। इससे निवेशक समझ सकेंगे कि स्कीम किस तरह की है और उससे जुड़ा जोखिम कितना है।

PoP प्लेटफॉर्म पर दिखेंगी सभी पेंशन फंड की स्कीमें

PFRDA ने प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस  (PoP) प्लेटफॉर्म के लिए भी नियम स्पष्ट किए हैं। आम तौर पर, अपने प्लेटफॉर्म के जरिए NPS खाता खुलवाने वाले PoP को निवेशक की चुनी हुई कैटेगरी में सभी पेंशन फंड की उपलब्ध स्कीमें दिखानी होंगी। PoP किसी खास फंड की स्कीम को सूची में ऊपर रख सकता है या किसी स्कीम को पहले से चुनकर दिखा सकता है। लेकिन उसे उसी कैटेगरी के बाकी पेंशन फंडों के विकल्प भी दिखाने होंगे।

पेंशन फंड की वेबसाइट और ऐप पर क्या होगा?

अगर कोई पेंशन फंड खुद PoP का लाइसेंस भी रखता है और निवेशक अपनी मर्जी से सीधे उसकी वेबसाइट या ऐप पर जाकर खाता खोलता है, तो वहां केवल उसी पेंशन फंड की स्कीमें दिखाई जा सकती हैं। वहीं, NPS सेंट्रल और CRA के प्लेटफॉर्म पर भी निवेशक की चुनी हुई कैटेगरी के सभी पेंशन फंडों की स्कीमें दिखानी होंगी।

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