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1 अप्रैल से भारत में सिर्फ ‘मेड इन इंडिया’ CCTV की बिक्री, बिना STQC सर्टिफिकेट वाले आयातित कैमरों पर रोक

 Published : Mar 31, 2026 11:29 pm IST,  Updated : Mar 31, 2026 11:43 pm IST

यह सरकारी कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती देगा और देश में गुणवत्तापूर्ण CCTV विनिर्माण को बढ़ावा देगा। हालांकि अल्पावधि में कीमतों में वृद्धि और सप्लाई चेन पर दबाव पड़ सकता है, लेकिन लंबे समय में भारतीय उपभोक्ताओं को बेहतर सुरक्षा उत्पाद मिलने की उम्मीद है।

भारतीय कंपनियों को समान अवसर मिलेंगे। - India TV Hindi
भारतीय कंपनियों को समान अवसर मिलेंगे। Image Source : PIXABAY

सरकार ने CCTV कैमरों की क्वालिटी और सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाते हुए 1 अपरैल 2026 से बिना STQC (Standardization Testing and Quality Certification) प्रमाणन वाले आयातित CCTV कैमरों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश 9 अप्रैल 2025 को जारी किया था। व्यापारियों को अपने पुराने आयातित स्टॉक को बेचने के लिए 31 मार्च 2026 तक की मोहलत दी गई थी। अब इस छूट की अवधि समाप्त होने के साथ ही बिना प्रमाणन वाले आयातित उत्पादों की बिक्री पूरी तरह बंद हो जाएगी। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह नियम केवल आयातित उत्पादों पर लागू है और देश में विनिर्माण करने वाली भारतीय कंपनियों पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

चीनी कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर

ट्रेडर्स का कहना है कि इस फैसले का सबसे अधिक प्रभाव चीन की प्रमुख कंपनियों हिकविजन और टीपी-लिंक पर पड़ा है, क्योंकि उनके अधिकांश उत्पादों को अभी तक STQC प्रमाणन प्राप्त नहीं हुआ है।

घरेलू कंपनियों में खुशी

देश की प्रमुख सुरक्षा उपकरण कंपनी आदित्य इन्फोटेक (CP Plus ब्रांड) के प्रबंध निदेशक आदित्य खेमका ने इसे CCTV उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि यह नियम भरोसेमंद और स्वदेशी रूप से विकसित उत्पादों को बढ़ावा देगा। इससे भारतीय कंपनियों को समान अवसर मिलेंगे। बढ़ती सुरक्षा जागरूकता के कारण ग्राहक अब प्रमाणित और गुणवत्ता वाले उत्पादों को ही प्राथमिकता देंगे।

कीमतों में 15-20% की बढ़ोतरी

दिल्ली कंप्यूटर ट्रेडर्स एसोसिएशन यानी ADCTA के महासचिव स्वर्ण सिंह ने बताया कि STQC प्रमाणन अनिवार्य होने और आयात पर रोक के कारण बाजार में CCTV कैमरों की कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो चुकी है। उन्होंने घरेलू कंपनियों को सलाह दी कि उन्हें चिप्स, मदरबोर्ड जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का स्वदेशी विकास करना होगा ताकि गुणवत्ता और कीमत दोनों को संतुलित रखा जा सके।

बाजार की विशाल संभावनाएं

ओडिमैक्स टेक्नोलॉजीज के निदेशक संजय मित्तल ने कहा कि भारत में CCTV की मांग बेहद तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अभी केवल 5 प्रतिशत जरूरत ही पूरी हो पा रही है। उन्होंने जोर दिया कि घरेलू कंपनियों को उत्पादन क्षमता को तेजी से बढ़ाना होगा, ताकि सप्लाई में कमी न आए और खासकर छोटे शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर उत्पाद उपलब्ध हो सकें।

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