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Salary Hike: साल 2026 में कर्मचारियों की सैलरी में होगा औसतन 9.1% इंक्रीमेंट, ये सेक्टर रह सकते हैं आगे

 Published : Apr 01, 2026 07:43 am IST,  Updated : Apr 01, 2026 07:46 am IST

जानकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में सैलरी इंक्रीमेंट 8.8% से 9.1% के दायरे में काफी स्थिर रहा है। ताजा मिडिल ईस्ट टेंशन को लेकर हालांकि कंपनियां सतर्क भी हैं।

करीब 500 कंपनियों की भागीदारी वाले सर्वे के आधार पर यह रुझान सामने आया है।- India TV Hindi
करीब 500 कंपनियों की भागीदारी वाले सर्वे के आधार पर यह रुझान सामने आया है। Image Source : FREEPIK

एक लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की कंपनियों में साल 2026 के दौरान सैलरी इंक्रीमेंट का रुख स्थिर रहने की संभावना है। अनुमान है कि औसतन वेतन वृद्धि करीब 9.1% रहेगी, जो पिछले साल के 9.0% से थोड़ा ही अधिक है। कंपनियां फिलहाल लागत पर नियंत्रण और आर्थिक अनिश्चितताओं को ध्यान में रखते हुए वेतन बढ़ोतरी को सीमित दायरे में रख रही हैं। ET की खबर के मुताबिक, डेलॉयट इंडिया टैलेंट आउटलुक सर्वे, में कहा गया है कि इस साल लाइफ साइंसेज और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर वेतन वृद्धि में आगे रह सकते हैं। इन सेक्टरों में क्रमशः 9.9% और 9.8% तक इंक्रीमेंट का अनुमान है। 

जूनियर कर्मचारियों और इंडिविजुअल कॉन्ट्रिब्यूटर्स पर फोकस

कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, आईटी और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे प्रमुख सेक्टरों में भी सैलरी ग्रोथ स्थिर या सकारात्मक बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि, आईटीईएस सेक्टर में हल्की सुस्ती देखने को मिल सकती है, जहां इंक्रीमेंट घटकर लगभग 8.5% रहने का अनुमान है। करीब 500 कंपनियों की भागीदारी वाले इस सर्वे में यह भी संकेत मिला है कि कंपनियां अब अपने इंक्रीमेंट बजट का बड़ा हिस्सा जूनियर कर्मचारियों और इंडिविजुअल कॉन्ट्रिब्यूटर्स की ओर शिफ्ट कर रही हैं। इस वर्ग के कर्मचारियों को औसतन 9.7% तक की सबसे अधिक वेतन वृद्धि मिलने की संभावना जताई गई है।

पिछले कुछ वर्षों में काफी स्थिर रहा सैलरी इंक्रीमेंट

डेलॉइट इंडिया के पार्टनर आनंदोरूप घोष का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में सैलरी इंक्रीमेंट 8.8% से 9.1% के दायरे में काफी स्थिर रहा है। इस साल इसमें तेजी आने की उम्मीद थी, लेकिन नए लेबर कोड्स से बढ़ती लागत और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने कंपनियों के रुख को सतर्क बना दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का कंपनियों के बजट पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे आने वाले समय में वेतन वृद्धि के रुझान पर असर पड़ सकता है।

सीईओ का औसत वेतन

वित्त वर्ष 2025-26 में गैर-प्रर्वतकों या पेशेवर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) का औसत वेतन सालाना आधार पर पांच प्रतिशत बढ़कर 10.5 करोड़ रुपये हो गया है। डेलॉयट की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि 10.5 करोड़ रुपये का औसत वेतन कोविड-19 वैश्विक महामारी के बाद सबसे धीमी वृद्धि को दर्शाता है।

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