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चाय उद्योग के लिये खपत में सुस्त वृद्धि और उच्च खाद्य महंगाई चिंता का विषय, जानिए डिटेल

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Sep 01, 2024 11:57 pm IST,  Updated : Sep 01, 2024 11:57 pm IST

आवश्यक वस्तुओं में उच्च मुद्रास्फीति गैर-आवश्यक वस्तुओं की मांग पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। आवश्यक वस्तुओं में भी उपभोक्ता कम कीमत वाले गैर-प्रीमियम उत्पादों की ओर रुख कर सकते हैं।

चाय उद्योग- India TV Hindi
चाय उद्योग Image Source : FILE

घरेलू खपत में धीमी वृद्धि, बढ़ती खाद्य मुद्रास्फीति और कोविड महामारी के बाद निर्यात में धीमी गति से सुधार चाय उद्योग के समक्ष प्रमुख चुनौतियां हैं। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया टी ट्रेडर्स एसोसिएशन के एक अधिकारी ने यह कहा। चाय उत्पादक संघ और टी बोर्ड इंडिया देश में धीमी मांग वृद्धि से चिंतित हैं। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया टी ट्रेडर्स एसोसिएशन (एफएआईटीटीए) के अध्यक्ष संजय शाह ने शनिवार शाम अपनी 10वीं वार्षिक आम बैठक के दौरान कहा कि खुदरा विक्रेताओं के रूप में, हम बाजार की गतिविधियों को करीब से देख रहे हैं। खाद्य मुद्रास्फीति का बढ़ता स्तर भी चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसका उपभोग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

महंगाई से यह पड़ता प्रभाव

शाह ने कहा, "आवश्यक वस्तुओं में उच्च मुद्रास्फीति गैर-आवश्यक वस्तुओं की मांग पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। आवश्यक वस्तुओं में भी उपभोक्ता कम कीमत वाले गैर-प्रीमियम उत्पादों की ओर रुख कर सकते हैं।" एफएआईटीटीए के चेयरमैन ने यह भी कहा कि बाजार में चाय की कीमतों में कई दौर की वृद्धि को सहन करने की क्षमता को लेकर चिंताएं हैं। यह वृद्धि पिछले साल मुख्य कच्चे माल की कीमतों में तेज वृद्धि को देखते हुए अपरिहार्य हो गई हैं। उन्होंने कहा कि महामारी की अवधि से मांग में कुछ सुधार के साथ, 2022-23 में औसत कीमतें 180 रुपये प्रति किलो थीं। शाह ने कहा कि 2022 में,‘ऑर्थोडॉक्स’(खुली) चाय बाजार में उछाल था, क्योंकि श्रीलंका की स्थिति भारत के पक्ष में हो गई थी। हालांकि, 2023 में निर्यात दबाव में रहने से चाय की कीमतों में सुस्ती आई।

बढ़ रहा निर्यात

उन्होंने कहा,‘‘2024 में स्थिति में काफी बदलाव आया है। उत्तर भारतीय संयुक्त पत्ती और‘डस्ट’चाय दरों को देखते हुए, कीमतें पिछले साल के इसी स्तर की तुलना में लगभग 46 प्रतिशत अधिक हैं।’’शाह ने कहा कि वर्ष 2023 में चाय का उत्पादन 139.3 करोड़ किलोग्राम पर रहा। जबकि 2022 में यह 136.6 करोड़ किलो था। उन्होंने कहा कि निर्यात कई साल 25 करोड़ किलो के स्तर पर रहने के बाद 2020 और 2021 में इसमें कमी आई। उसके बाद इसमें कुछ सुधार आया है। 2023 में निर्यात 22.8 करोड़ किलो रहा जो 2022 में 23.1 करोड़ किलो था। शाह ने कहा कि कई वर्षों के ठहराव के बाद, भारतीय चाय निर्यात उच्च वृद्धि के रास्ते पर है।

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