एलन मस्क की महत्वाकांक्षी कंपनी SpaceX की सैटेलाइट ब्रॉडबैंड शाखा, Starlink, ने भारतीय सैटकॉम बाजार में अपने प्रवेश की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश में भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भर्ती अभियान भारत में Starlink के स्थानीय परिचालन को मजबूत करने और नियामक अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, स्टारलिंक का भारतीय मुख्यालय बैंगलोर बनेगा। भर्ती अभियान का पहला चरण वित्त और लेखा (फाइनेंस और अकाउंटिंग) पर केंद्रित है। SpaceX के करियर पोर्टल और लिंक्डइन पर जारी की गई नौकरी की सूचनाओं के मुताबिक, स्टारलिंक ने चार प्रमुख पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
इन पदों पर हो रहीं भर्तियां
पद का नाम मुख्य जिम्मेदारी
अकाउंटिंग मैनेजर वित्तीय रिपोर्टिंग, वैधानिक अनुपालन और आंतरिक नियंत्रण की निगरानी।
पेमेंट्स मैनेजर UPI, RuPay और कार्ड्स जैसे घरेलू भुगतान विधियों के लिए प्रोसेसिंग और जोखिम प्रबंधन।
सीनियर ट्रेजरी एनालिस्ट स्थानीय ट्रेजरी अवसंरचना का निर्माण, विदेशी मुद्रा संचालन का प्रबंधन।
टैक्स मैनेजर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर अनुपालन, ट्रांसफर प्राइसिंग और ऑडिट समन्वय।
सभी पद 100% ऑनसाइट होंगे
सभी पद बैंगलोर में आधारित होंगे, जो स्टारलिंक के भारतीय परिचालन का केंद्र बनने जा रहा है। स्टारलिंक ने स्पष्ट किया है कि ये सभी पद 100% ऑनसाइट होंगे। रिमोट या हाइब्रिड वर्किंग का कोई विकल्प नहीं होगा और केवल भारत में वैध कार्य अनुमति वाले उम्मीदवार ही आवेदन कर सकते हैं।
कब तक शुरू होगी लॉन्चिंग
यह भर्ती प्रक्रिया ऐसे समय में शुरू हुई है जब स्टारलिंक भारत में 2025 के आखिर या 2026 की शुरुआत तक अपने वाणिज्यिक लॉन्च की तैयारी कर रहा है। कंपनी वर्तमान में अंतिम मंजूरी के लिए सुरक्षा प्रदर्शन विभाग यानी DoT और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। सूत्रों के अनुसार, Starlink ने अपनी Gen 1 सैटेलाइट कंस्ट्रेलेशन के माध्यम से 600 गीगाबिट प्रति सेकंड की क्षमता के लिए आवेदन किया है। स्पेक्ट्रम को परीक्षण के लिए अस्थायी रूप से आवंटित किया गया है, हालांकि कंपनी को स्थिर सैटेलाइट सेवा परीक्षण के लिए केवल 100 टर्मिनल आयात करने की मंजूरी मिली है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के कड़े नियम
भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्टारलिंक पर कड़े संचालन संबंधी शर्तें लगाई हैं। स्टारलिंक को यह निर्देशित किया गया है कि केवल भारतीय नागरिक ही इसके गेटवे स्टेशनों का संचालन कर सकते हैं। विदेशी कर्मचारियों को गेटवे स्टेशनों के संचालन की अनुमति तभी मिलेगी जब उन्हें गृह मंत्रालय से विशिष्ट मंजूरी प्राप्त होगी। स्टारलिंक का यह कदम भारतीय सैटकॉम बाज़ार में Jio और Airtel जैसे दिग्गजों को एक सीधी चुनौती देगा, जिससे हाई-स्पीड, कम-लेटेंसी इंटरनेट की उपलब्धता में क्रांति आ सकती है।






































