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भारत में ग्राहकों की पहचान के लिए आधार का इस्तेमाल करेगी एलन मस्क की Starlink, UIDAI से हुई साझेदारी

सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink का कनेक्शन लेने के लिए आपको आने वाले समय में आधार से होकर गुजरना होगा। कंपनी भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है। Starlink वर्तमान में लगभग 20 लाख भारतीय ग्राहकों को सेवा देने में सक्षम है।

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman
Published : Aug 20, 2025 11:51 pm IST, Updated : Aug 20, 2025 11:59 pm IST
सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink के कनेक्शन में छत पर कुछ इस तरह का एंटीना लगा होगा।- India TV Hindi
Image Source : STARLINK सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink के कनेक्शन में छत पर कुछ इस तरह का एंटीना लगा होगा।

दुनिया के जाने-माने उद्यमी एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink अब भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने जा रही है। भारत सरकार ने Starlink को सैटेलाइट आधारित ब्रॉडबैंड सेवा देने की मंजूरी दे दी है। कंपनी ग्राहकों की पहचान के लिए अब आधार ऑथेंटिकेशन का सहारा लेगी। पीटीआई की खबर के मुताबिक, बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने Starlink Satellite Communications Pvt. Ltd. को अपने प्लेटफॉर्म पर शामिल कर लिया है। इससे Starlink को ग्राहकों की पहचान को डिजिटल और सुरक्षित तरीके से सत्यापित करने में मदद मिलेगी।

ऑनबोर्डिंग प्रोसेस तेज और सुरक्षित होगा

बयान में कहा गया कि आधार-आधारित ई-केवाईसी से Starlink का यूज़र ऑनबोर्डिंग प्रोसेस तेज, सरल और सुरक्षित होगा। यह तकनीकी साझेदारी देश में डिजिटल कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी। सरकारी अनुमानों के अनुसार, Starlink वर्तमान में लगभग 20 लाख भारतीय ग्राहकों को सेवा देने में सक्षम है। Starlink को UIDAI की ओर से सब-ऑथेंटिकेशन यूज़र एजेंसी और सब-eKYC यूज़र एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार, उप महानिदेशक मनीष भारद्वाज, और Starlink इंडिया के निदेशक पर्निल उर्ध्वरेषे उपस्थित थे।

IN‑SPACe और DoT से लाइसेंस मिल चुका

भारत में अपनी सेवाएं ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए Starlink ने भारती एयरटेल और रिलायंस जियो जैसे प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझेदारी की है। इससे पहले स्टारलिंक को भारत में सर्विस शुरू करने के लिए IN‑SPACe और DoT से लाइसेंस मिल चुका है। भारतीय अंतरिक्ष नियामक IN‑SPACe ने Starlink को 5 वर्ष की अनुमति दी है, जिसके तहत कंपनी देश में सैटेलाइट-आधारित इंटरनेट सेवा शुरू कर सकती है। इसके बावजूद स्पेक्ट्रम आवंटन, सुरक्षा परीक्षण, और ग्राउंड नेटवर्क को पूरा करना बाकी है।

बिना नेटवर्क के भी कर सकेंगे कॉलिंग

Starlink सैटेलाइट सर्विस शुरू होने से इमरजेंसी की स्थिति में बिना मोबाइल नेटवर्क के भी कॉलिंग संभव हो सकेगी। यूजर्स को हाई स्पीड इंटरनेट की भी सुविधा मिलेगा। स्टारलिंक की सर्विस के लिए हर महीने करीब 3,300 रुपये तक का खर्च आ सकता है। एलन मस्क की कंपनी SpaceX के लोअर अर्थ ऑर्बिट में स्थापित सैटेलाइट्स के माध्यम से इंटरनेट सर्विस मुहैया कराएगी।

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