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गैस सप्लाई बाधित होने से आधी क्षमता पर चल रहे यूरिया प्लांट, उत्पादन में भारी गिरावट- जानें अभी कितना स्टॉक उपलब्ध

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Mar 22, 2026 04:08 pm IST,  Updated : Mar 22, 2026 04:08 pm IST

गैस सप्लाई सामान्य स्तर से घटाकर 60-65 प्रतिशत तक कर दी गई है। कुछ प्लांट के लिए प्रभावी सप्लाई 50 प्रतिशत से नीचे आ गई है।

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भारत के पास मौजूद है 61.14 लाख टन यूरिया भंडार Image Source : THYSSENKRUPP UHDE

पश्चिम एशिया संकट के बीच 'अपरिहार्य स्थिति' की घोषणा के चलते तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की सप्लाई बाधित होने की वजह से देश के यूरिया प्लांट अपनी आधी क्षमता पर काम कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड ने अपरिहार्य स्थिति की घोषणा की है, जो देश का सबसे बड़ा एलएनजी प्राप्त करने वाला टर्मिनल ऑपरेट करता है। सप्लायरों ने होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित होने की वजह से कंपनी को अनुबंधित मात्रा में गैस की सप्लाई करने में असमर्थता जताई है। इस कदम से सरकारी गैस वितरक कंपनियों गेल (इंडिया) लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने सप्लाई में कटौती शुरू कर दी है।

गैस सप्लाई घटाकर 60-65 प्रतिशत तक की गई

ये कंपनियां रासगैस अनुबंध के तहत खाद बनाने वाली कंपनियों को गैस की सप्लाई करती हैं। इंडस्ट्री के एक सीनियर अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ''गैस सप्लाई सामान्य स्तर से घटाकर 60-65 प्रतिशत तक कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कुछ प्लांट के लिए प्रभावी सप्लाई 50 प्रतिशत से नीचे आ गई है। इस वजह से, जिन प्लांटों पर असर पड़ा है, वहां यूरिया का उत्पादन लगभग 50 प्रतिशत कम हो गया है। प्लांट अधिकारियों के मुताबिक, वहीं इसके उलट इन जगहों पर ऊर्जा की खपत 40 प्रतिशत तक बढ़ गई है, क्योंकि कम लोड पर चलने वाली बड़ी अमोनिया-यूरिया ट्रेन की तापीय दक्षता में भारी गिरावट आई है।

अपनी मर्जी से उत्पादन बढ़ा या घटा नहीं सकते प्लांट

एक प्लांट के परिचालन प्रबंधक ने कहा, ''इस पैमाने के प्लांट अपनी मर्जी से उत्पादन बढ़ाने या घटाने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं।'' इन हालात में काम करने का मतलब है कि आप कम उर्वरक बनाने के लिए ज्यादा ऊर्जा खर्च कर रहे हैं और ये सीधे तौर पर वित्तीय नुकसान है। उर्वरक कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि परिचालन में समन्वय भी टूट गया है, जिससे स्थिति और खराब हो गई है। इस तरह के अचानक लोड में बदलाव बड़ी ट्रेन-आधारित अमोनिया-यूरिया प्लांटों के लिए व्यावहारिक रूप से मुमकिन नहीं हैं।

भारत के पास मौजूद है 61.14 लाख टन यूरिया भंडार

विश्लेषकों का कहना है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े यूरिया उपभोक्ताओं में से एक है और लगातार घरेलू कमी आने वाले खरीफ बुवाई सत्र से पहले उर्वरक की उपलब्धता पर असर डाल सकती है। 19 मार्च तक, भारत के पास कुल 61.14 लाख टन यूरिया का भंडार था, जो एक साल पहले इसी अवधि के 55.22 लाख टन से ज्यादा है।

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